डीएमआरसी ने नोएडा के सेक्टर-34 में देश का सबसे ऊंचा मोनोपोल टावर लगाने का दावा किया है। उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीटीसीएल) के लिए लगाए गए इस टावर की ऊंचाई 61.2 मीटर है।
नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर-62 के बीच निर्माणाधीन कॉरिडोर में इस टावर को लगाने में आईआईटी मुंबई और रुड़की की टीम की मदद लेनी पड़ी थी। मोनोपोल टावर पारंपरिक टावरों की तुलना में बेहद कम जगह घेरते हैं और इलेक्ट्रिसिटी के साथ ही वाई-फाई ट्रांसमिशन टावर के तौर पर भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
दरअसल, यूपीपीटीसीएल की इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन लाइन मेट्रो अलाइनमेंट के पास से गुजर रही थी। इस वजह से डीएमआरसी ने सेक्टर-34 के पास इन ट्रांसमिशन लाइन को ऊंचा करने का निर्णय लिया।
डीएमआरसी के सामने इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन लाइन को ऊंचा करने मुश्किल काम था। क्योंकि यहां पर काफी आबादी है और ट्रैफिक का दबाव भी बहुत ज्यादा है।
इसे देखते हुए डीएमआरसी ने पारंपरिक टावर की जगह मोनोपोल टावर लगाने का फैसला लिया। डीएमआरसी के अनुसार सामान्य ट्रांसमिशन टावर में 245 स्क्वायार मीटर जगह घेरते हैं। जबकि एक मोनोपोल टावर 33.26 वर्ग मीटर जगह घेरता है।
एक मोनोपोल टावर का वजन करीब 40 टन होता है। इसके साथ ही जगह की जरूरत को और कम करने के लिए एक मोनोपोल टावर में दो ट्रांसमिशन लाइन लगाई गई हैं। इन टावर को 400 टन क्षमता वाली भारी क्रेन से लगाया गया है।