जेवर कोतवाली क्षेत्र के खाजपुर गांव में आधार कार्ड बनाने वाली कंपनी ने पांच साल की बच्ची के फोटो की जगह कुत्ते की फोटो लगा दी है।
यूआईडी की रजिस्ट्रार नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटॅरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ने इस खामी को पकड़ लिया। आधार कार्ड जेनरेट होने या प्रिंट होने से पहले ही उसे रोक दिया है और डाटा साइट से हटवा दिया है।
आधार बनाने वाली एजेंसी कार्वी डाटा मैनेजमेंट के जिला इंचार्ज ने ऑपरेटर के खिलाफ जेवर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
स्टेटस चैक किया तब पकड़ी खामी
गौतमबुद्धनगर की जेवर तहसील के खाजपुर गांव में एनएसडीएल द्वारा आधार कार्ड के नामांकन का काम कार्वी डाटा मैनेजमेंट सर्विसेज को दिया गया है।
कंपनी ने 28 मार्च को जेवर तहसील के खाजपुर गांव में कैंप लगाया। यहां ऑपरेटर सुमित ने आधार कार्ड बनाने के दौरान गांव की पांच साल की बच्ची के फोटो की जगह एक कुत्ते का फोटो लगा दिया, जिसके बाद कंप्यूटर में फीड डाटा प्रोसेस कर दिया गया।
ऑनलाइन एंरोलमेंट स्टेटस चैकिंग के दौरान आधार कार्ड पर भी कुत्ते का फोटो ही लगा था।
कुत्ते का फोटो लगाया तो हुआ मुकद्दमा दर्ज
भारत सरकार की चैकिंग संस्था ने इस गलती को पकड़ लिया। इस मामले में एनएसडीएल ने एजेंसी के खिलाफ टिप्पणी करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके आधार पर एजेंसी के जिला इंचार्ज रतन कुमार ने ऑपरेटर सुमित कुमार पुत्र सतीश कुमार निवासी पिसावा रोड धर्मपुर जलोखरी अलीगढ़ के खिलापु मुकदमा दर्ज कराया है।
इसमें आरोप है कि सुमित ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करते हुए बच्ची की फोटो की जगह गलत तरीके से कुत्ते का फोटो लगा दिया। उसकी इस हरकत का संज्ञान भारत सरकार ने लेते हुए आधार कार्ड जेनरेट होने से रोक दिया है, जिसके कारण कंपनी की छवि खराब हुई है