पंजाबी बाग में हुए सड़क हादसे में घायल चैतन्य अपनी मां की आंखों से दुनिया देखेगी। दुर्घटना में चैतन्य की दाईं आंख में कांच के कई टुकड़े चले गए हैं। इससे उसकी आंख की रोशनी का वापस आना मुश्किल है। परिजनों ने पूनम की आंखों को दान किया है। उनके मुताबिक जरूरत पड़ने पर चैतन्य अपनी मां की आंखों से दुनिया देख सकेगी।
नशा व रफ्तार की वजह से एक हंसता खेलता परिवार गम में डूब गया है। चैतन्य की हालत भी काफी गंभीर है। उसका फोर्टिज अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसके आंखों में कांच का टुकड़ा जाने के साथ-साथ शरीर के दाहिने हिस्से में काफी चोट लगी है। परिजनों ने संजय गांधी अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान पूनम की दोनों आंखें दान कर दी हैं।
ताकि, पूनम मरने के बाद भी इस दुनिया में रहे। परिवार के लोगों ने बताया कि पूनम इंद्रा नगर में बुटीक चलाती थी और अपने परिवार को आर्थिक मदद करती थी। विमल और उनके भाई सुधीर का संयुक्त परिवार है। दोनों एक साथ कैलाश गारमेंट नाम के कपड़े की दुकान चलाते हैं। परिजनों का कहना है दूसरे के गलती से उसके परिवार का एक सदस्य उन
लोगों के बीच नहीं रहा है। उन्होंने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जमानती धारा लगाने का परिजनों ने किया विरोध
पंजाबी बाग में हुई सड़क हादसे के बाद पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पीड़ित के परिजनों के मुताबिक पुलिस ने आरोपी कार चालक शिवानी के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने से मौत का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन थाने से ही उसको जमानत दे दी। इस बारे में पूछे जाने पर पुलिस कर्मियों ने बताया कि जमानती धारा होने की वजह से उसे जमानत दी गई है। इस बात की जानकारी मिलने के बाद पूनम के परिवार वालों ने इसका विरोध किया, तब जाकर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर शिवानी को गिरफ्तार कर लिया।