फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन: राजधानी के सभी बॉर्डर रहे सील, दिनभर यूपी-हरियाणा के संपर्क में रही दिल्ली पुलिस

Thu, 26 Nov 2020 07:31 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
किसान बिल के खिलाफ प्रदर्शन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

नए कृषि कानूनों के विरोध में ‘दिल्ली चलो’ मार्च को देखते हुए गुरुवार को दिनभर राजधानी की सभी सीमाओं पर पुलिस का भारी बंदोबस्त रहा। दिल्ली पुलिस के अलावा अतिरिक्त सुरक्षा बलों की कई कंपनियों को लगभग सभी बॉर्डर पर तैनात किया गया। बॉर्डर सील होने की वजह से किसी भी वाहन चालक, यहां तक पैदल आने-जाने वाले लोगों को बिना जांच के दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि, पंजाब से दिल्ली की ओर चले किसानों को हरियाणा में अलग-अलग जगहों रोक लिया गया, लेकिन इन किसानों के समर्थन में आसपास के कुछ किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचते रहे। उन्हें दिल्ली में नहीं घुसने दिया गया। सुरक्षा में चूक न हो, इसके लिए दिनभर दिल्ली पुलिस लगातार हरियाणा और यूपी पुलिस के संपर्क में रही। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव सिंघु बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने मीडिया के जरिये किसानों से वापस लौटने की अपील की।

विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना की वजह से राजधानी में किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी है। इसकी वजह से दिल्ली पुलिस आयुक्त ने किसानों से अपील की थी कि वह दिल्ली न आएं। बावजूद इसके, केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के 500 से अधिक किसान संगठनों ने 26 और 27 नवंबर को राजधानी कूच करने का आह्वान किया था। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने हरियाणा और यूपी की सीमा से सटे सभी बॉर्डरपर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। संयुक्त आयुक्त, पुलिस उपायुक्त यहां तक कुछ जगहों पर स्पेशल सीपी रैंक तक के अधिकारी बॉर्डर पर खड़े दिखाई दिए। बॉर्डर पर वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों के साथ पुलिस बल मुस्तैद रहा।

सिंघु बॉर्डर, दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर, दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर, ढांसा बॉर्डर पर पुलिस ने थ्री लेयर सुरक्षा का इंतजाम किया। कालिंदी कुंज, मयूर विहार-चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, आनंद विहार, नोएडा-मयूर विहार बॉर्डर, सीमापुरी, भोपुरा, लोनी समेत दिल्ली के बाकी बॉर्डरों पर भी मजबूत इंतजाम रहे। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को भी यह इंतजाम जारी रहेंगे।
विज्ञापन

 

कुछ बॉर्डरों पर रही थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था

हरियाणा-दिल्ली की सीमा से सटे बॉर्डर पर पुलिस की खास निगाहें रही। यहां थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया। खासकर, सिंधु बॉर्डर पर बैरिकेड लगाने के साथ-साथ डिवाइडर वाले पत्थरों को दिल्ली आने वाली सड़क पर लगा दिया। इन पत्थरों पर कटीले लोहे के तारों को भी लगाया गया। यहां रुक-रुककर वाहनों को निकाला गया। बॉर्डर पर वाटर कैनन, आंसू गैस के साथ पुलिस चुस्त रही। ड्रोन उड़ाकर पूरे हालात पर नजर रखी जा रही थी। टीकरी बॉर्डर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, कापसहेड़ा, ढांसा बॉर्डर समेत कुछ अन्य जगहों की सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त रही।

जंतर-मंतर पर भी रहे खास इंतजाम

माना जा रहा था कि यदि किसान किसी तरह दिल्ली में प्रवेश कर जाते हैं तो वह जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन का प्रयास करेंगे। इसको देखते हुए जंतर-मंतर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। लोकल पुलिस के अलावा कई कंपनी संसद मार्ग थाने के बाहर डटी रही। कुछ किसान आप के पूर्व विधायक के साथ जंतर-मंतर पहुंच गए। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया। बाद में सभी को बसों से मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया।

सभी गुरुद्वारों पर भी रही नजर

दिल्ली के सभी गुरुद्वारों खासकर पश्चिम दिल्ली में पुलिस की खास नजर रही। माना जा रहा था कि यदि कुछ किसान समय से पूर्व मंगलवार या बुधवार को दिल्ली आए होंगे तो वह गुरुद्वारों में शरण ले सकते हैं। ऐसे में पुलिस ने खास तौर पर तिलक नगर, राजौरी गार्डन के गुरुद्वारों पर नजर रखी। रकाबगंज, बंगला साहेब, शीशगंज गुरुद्वारे पर भी पुलिस का पहरा रहा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मजनूं का टीला गुरुद्वारे से 25 से 30 किसानों को हिरासत में भी लिया गया।

दिल्ली आने वाले लोगों को हुई जबरदस्त परेशानी

मार्च की वजह से दिल्ली आने वाले लोगों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ा। शायद ही कोई ऐसा बॉर्डर रहा होगा जहां वाहनों की कतार न लगी हो। बॉर्डरों को सील कर पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इस वजह से सभी बॉर्डर पर जाम लगा रहा। कुछ जगहों पर तो लोग पुलिस से उलझते भी दिखाई दिए। किसी को इलाज के लिए दिल्ली जाना था तो किसी को रिश्तेदार की मौत में जाना था। सिंघु बॉर्डर दोपहर के समय पुलिस ने लगभग बंद कर दिया। सभी बॉर्डर पर दिल्ली से बाहर जाने वाले रास्ते खुले हुए थे, लेकिन बिना जांच के दिल्ली की सीमा में  प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।

छावनी में तब्दील हुआ गुरुग्राम, सभी सीमाओं पर पैनी नजर

किसान आंदोलन के मद्देनजर पुलिस ने गुरुवार को गुरुग्राम को छावनी में तब्दील कर दिया। जिले की दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, झज्जर की सीमाओं को पूरी तरह से सील कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। शहर में जगह-जगह नाकाबंदी कर किसानों को दिल्ली जाने से रोकने का प्रयास किया जाता रहा।

वहीं, राठीवास में स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के प्रमुख योगेंद्र यादव व उनके समर्थकों को हिरासत में लिया, तो सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) पदाधिकारियों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने 6 पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, जिले के किसानों ने आंदोलन से दूरी बनाई, जिससे स्थिति शांतिपूर्ण रही।
विज्ञापन

दिल्ली बॉर्डर सील होने से लगा 9 किमी जाम

आंदोलन के लिए किसानों के दिल्ली पहुंचने की सूचना से गुरुग्राम व दिल्ली पुलिस ने सरहोल बॉर्डर को सील कर दिया। इससे करीब 9 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने स्थिति से निपटने के लिए वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया। वहीं, जाम के कारण लोग अपने कार्यालय में भी देरी से पहुंचे। 

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने किसान कानून के विरोध में दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। इस आंदोलन के तहत ही बुधवार रात से पुलिस ने दिल्ली सीमा समेत जिले की अन्य सीमाओं पर बेरिकेड लगाकर नाकाबंदी कर दी। बृहस्पतिवार सुबह से ही नाके पर पुलिस तैनात रही और संदिग्ध दिखाई देने वाले वाहनों को रुकवाकर जांच करती रही। इस कारण सुबह से ही सरहोल बॉर्डर पर जाम की स्थिति बनी रही। करीब 500 मीटर तक ही यह स्थिति बनी रही। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें