जुनैद हत्याकांड का मामला अब बड़ा रूप लेता जा रहा है। जहां जुनैद की हत्या को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने रविवार को जंतर-मंतर पर जाकर धरना दिया है, वहीं इस मामले में खांबी गांव से गिरफ्तार किए गए चार लोगों के समर्थन में खांबी के बड़े मंदिर में एक विशाल पंचायत का आयोजन किया गया।
इस महा पंचायत में जिले भर से कई गांवों के सरपंचों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों व समाजसेवी संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। पंचायत में मुस्लिम समाज के भी काफी लोगों ने हिस्सा लिया।
पंचायत की अध्यक्षता जिला ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष लेखराज शर्मा ने की। पंचायत में खांबी से गिरफ्तार किए गए सभी चारों लोगों को निर्दोष बताया गया। पंचायत की शुरूआत वहां मौजूद लोगों ने जुनैद की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उसे श्रद्धांजलि देकर की।
पंचायत में कहा गया कि यह पंचायत जुनैद या उसके परिवार के खिलाफ नहीं है, बल्कि पुलिस, प्रशासन व उन नेताओं के खिलाफ है, जो इस क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को खराब करना चाहते हैं।
पंचायत में कहा गया कि जुनैद की हत्या का दुख सभी को है। आपस में जो झगड़ा हुआ और जुनैद की मौत हुई उस मामले में जो भी असली दोषी हैं, उनको गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
इस पंचायत में मौजूद हर व्यक्ति जुनैद की हत्या करने वाले दोषियों को सजा दिलाने में पुलिस व प्रशासन के साथ है, परंतु निर्दोष लोगों को यह पंचायत सजा नहीं होने देगी।
पंचायत में खांबी गांव से गिरफ्तार किए गए चारों लोगों को निर्दोष बताते हुए कहा गया कि पुलिस अपनी कमी छुपाने व मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न कर पाने के कारण निर्दोष लोगों को उठाकर ले गई है। जिस तरह से पुलिस ने खांबी में 26 जून की रात को बर्बरता दिखाई, उसे बरदाश्त नहीं किया जा सकता।
पुलिस को असली मुलजिमों को पकड़ना चाहिए तथा गिरफ्तार किए गए इन निर्दोषों को छोड़ना चाहिए। पंचायत में मौजूद मुस्लिम समाज के लोगों का भी कहना था कि पुलिस असली मुलजिमों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर इस सारे मामले का खुलासा करे तथा किसी निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए।
पंचायत में हिंदू समाज के लोगों के साथ भाग लेने वाले मुस्लिम समाज ने भी इस क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे भाईचारे को और बढ़ावा देने तथा जातिवाद पर राजनीति कर रहे नेताओं का बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया गया।