खंड के गांव चिलावली में शुक्रवार को ग्रामीणों की की एक बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से साजिद को सरपंच का उम्मीदवार चुना गया। बैठक में पंचायत समिति के लिए गांव से एक उम्मीदवार का चयन किया गया।
पंचायत में करीबन 1050 वोट व 9 वार्ड है। इसकी आबादी चार हजार के करीब है। पंचायत का गठन 2010 में पहली बार हुआ था। इससे पहले यह ग्राम पंचायत छारौड़ा के अधीन आती थी।
बता दे की 2010 में यह पंचायत महिला सरपंच पद के लिए आरक्षित थी। इस बार यह अनारिक्षत सीट है। बीते पंचायत कार्यकाल के अन्तर्गत गांव में विकास कम व पार्टीबाजी का बोलबाला अधिक रहा है।
पार्टी बाजी के कारण विकास नहीं हो पाया है। रजिंश के चलते गांव में बीते वर्ष ईद की नमाज के बाद हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। नये सरपंच के सामने आपसी रजिंश को खत्म कराने, समान विकास को महत्तव देने आदि चुनौतियों से पार पाना आसान नहीं होगा।
ग्रामीणों ने गांव में रजिंश के बाद एकजुटता का परिचय दिखाते हुए सरपंच पद के लिए चुनाव कर पंचायत चुनाव में खींचातानी व मतदान के दिन झगड़े जैसी सम्भावानाओं पर अकुंश लगा दिया है।
इस पहल के बाद अन्य पंचायतों में भी सर्वसम्मति से सरपंच पद के लिए चुनाव हो सकते है। गांव के पूर्व ब्लाक समिति सदस्य अहमद, पूर्व पंच याकूब, पूर्व पंच हाजी जमालुदीन, नसीबा, नस्सा, हारून, हाजी जुहरखां, मम्मन, रजजाक, जफफा, अजीज, पूर्व सरपंच यासीन आदि ने बताया की गांव में शुक्रवार प्रात एक ग्रामीणों की पंचायत हुई।
जिसमे सभी ने सर्वसम्मति से सरपंच पद के लिए 22 वर्षीय शिक्षित युवक साजिद व पंचायत समिति पद के लिए जहीर को चुना है। पंचायत समिति में जहीर को अभी चुनाव का सामना करना पडेंगा क्योंकि पंचायत समिति के लिए दो गांव जुडे है।
सरपंच पद के चयनित युवक साजिद ने कहा ग्रामीणों ने उन पर जो भरोसा जताया है। उस पर वह हर सम्भव खरा उतरने का पर्यास करेंगे। उन्होंने कहा गांव में आपसी गुटबाजी व बिना भेदभाव के विकास कराने एक बड़ी चुनौती है।
लेकिन वह हर वर्ग को साथ लेकर गांव के विकास कार्यो को कराने में कोई कौर कसर नहीं छोडेंगे। उन्होंने कहा शिक्षा, बिजली, पानी व खराब रास्तो को दुरूषत कराना उनकी पहली प्राथमिकता होंगी। गांव के रास्तो की हालत बेहद खराब है। कब्रिस्तान व पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जों की भरमार है जिनसे निपटना बड़ी चुनौती होगी।
पूर्व पंच हाजी जमालुदीन का कहना है गांव में हर तरफ गंदगी का आलम है। बिजली, पानी, शिक्षा की हालत भी दयनीय है। आपसी गुटबाजी के कारण गांव में विकास बहुत कम हुआ है। आपसी रजिंश को खत्म करने व बेहतर विकास को लेकर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सरपंच पद के लिय साजिद का चुनाव किया है।
मौजिज व्यक्ति नसीबा का कहना है की गांव में आपसी गुटबाजी के कारण सरपंच पद के लिए चुनाव करना बहुत कठिन था। लेकिन सभी ग्रामीणों के प्रयास से गांव में निर्विरोध सरपंच चुनने के लिए साजिद के नाम पर सहमति बन गई। उन्होंने कहा इससे जहां विकास को बल मिलेंगा वहीं आपसी गुटबाजी भी खत्म होंगी।