प्रदूषण में कमी लाने और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता सुलभ बनाने के लिए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने लाजपत नगर में अंतिम छोर तक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू किया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईपीसीए की देखरेख में पायलट आधार पर 3500 वाहनों के लिए पार्किंग प्रबंधन भी होगा। मेट्रो, बस या दूसरे सार्वजनिक वाहनों से उतरने वालों के लिए थोड़ी दूरी के लिए बैटरी संचालित रिक्शा या दूसरे वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है। इससे जहां प्रदूषण, जाम की समस्या कम होगी। इसके लिए बृहस्पतिवार को ईपीसीए के साथ बैठक होगी।
मार्केट में 3500 वाहनों की पार्किंग के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के बाद अदालत को सौंपी जाएगी। हालांकि, किसी भी रिहायशी क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गेट खोलने की बात आती है तो रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के विरोध का सामना करना पड़ता है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, बेहतर पार्किंग मुहैया कराने के लिए उनका सहयेाग बेहद जरूरी है, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में वाहनों के आवागमन में समस्या न हो।