सेक्टर-45 स्थित सामुदायिक केंद्र में स्वच्छाग्रहियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन नगर निगम के द्वारा किया गया। जिसमें स्थानीय लोगों को शहर को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए जागरूक किया गया। इस मौके पर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने लोगों को खुले में शौच करने से होने वाली बिमारियों के बारें में लोगों को अवगत करवाया।
उन्होंने कहा कि आप लोगों ने स्वेच्छा से शहर को खुले में शौच मुक्त बनाने की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ली है, इसके लिए आप सभी सराहना के पात्र हैं।
आप अपने-अपने वार्ड के लोगों को शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करें और खुले में शौच से होने वाली परेशानियों के बारे में उन्हें बताएं। सांस के माध्यम से भी शौच हमारे शरीर में जाता है और इस प्रकार से हैजा, उल्टी, डायरिया जैसी बीमारियां होती हैं।
डॉ. बांगड़ ने कहा कि अगर एक व्यक्ति भी खुले में शौच जाएगा तो हम यह नहीं मान सकते कि हमारा शहर खुले में शौच मुक्त हो गया। हम सभी को साथ मिलकर इस कार्य में भागीदारी करनी है कि कोई भी व्यक्ति खुले में शौच ना करने जाए और हमेशा शौचालय का इस्तेमाल करे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सामाजिक भागीदारी एवं रोकटोक का होना भी बहुत जरूरी है।