psycho killer in palwal
- फोटो : अनूप पराशर
इंसान का दिमाग कई गुना तेज रफ्तार से दौड़ता है। अगर कोई तनावग्रस्त है और अंदर ही अंदर कोई बात उसे तनाव दे रही है तो ऐसे व्यक्ति आगे चलकर बड़ा खतरा बन सकते हैं। ये कहना है दिल्ली के मनोचिकित्सालय इहबास के निदेशक डॉ. निमेश देसाई का।
डॉ. देसाई का कहना है कि जब तनाव दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगे, उस वक्त पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल में काउंसिलिंग की सेवा लेना चाहिए। ताकि वह उग्र होने से पहले ही अपना संयम पा सके।