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Delhi NCR News: प्रदर्शन का असर कारोबार पर, जनपथ, पालिका बाजार और कनॉट प्लेस में बिक्री घटी

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व्यापारियों का दावा कारोबार 20-25 प्रतिशत तक घटा
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लुटियंस दिल्ली के बाजारों में प्रदर्शन का असर

सचिन कुमार

नई दिल्ली। लुटियंस दिल्ली में चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन का असर अब प्रमुख बाजारों पर भी दिख रहा है। जनपथ, पालिका बाजार और कनॉट प्लेस जैसे कारोबारी इलाकों में दुकानें बंद हैं या ग्राहकों की संख्या बहुत कम है। व्यापारियों का दावा है कि इस प्रदर्शन के कारण उनका कारोबार 20 से 25 फीसदी तक घट गया है।
न्यू दिल्ली ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम बधवार ने बताया कि प्रदर्शन से बाजार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की बात सुनने का आग्रह किया। सामान्य दिनों की तुलना में अब दुकानों पर गिने-चुने ग्राहक ही पहुंच रहे हैं। जनपथ और पालिका बाजार के व्यापारियों ने पिछले तीन दिनों में बिक्री में गिरावट दर्ज की है। कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने भी खराब हालात बताए। उनका कहना है कि उन्हें प्रदर्शन से आपत्ति नहीं पर बाजारों का सामान्य कामकाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए जिससे आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी न हो। व्यापारियों ने जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई है।
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पर्यटकों की संख्या में कमी और छोटे दुकानदारों पर असर
जनपथ और कनॉट प्लेस पर्यटकों की पहली पसंद हैं, जहां विदेशी पर्यटक भी खरीदारी करते हैं। हालांकि, अब पर्यटकों की संख्या में भी कमी आई है। बाजारों में भीड़ कम होने से छोटे दुकानदार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। हस्तशिल्प, कपड़े और स्मृति चिह्न बेचने वालों की बिक्री पर सबसे अधिक असर पड़ा है। फुटपाथ व्यापारी परवेज ने बताया कि बिक्री कम रहे तो आर्थिक दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
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लुटियंस दिल्ली की छवि पर असर और इंटरनेट भोजन पर सवाल
प्रदर्शन के कारण लुटियंस दिल्ली की साफ-सुथरी छवि पर भी असर पड़ा है। बुधवार को गाड़ियों के शीशे टूटे मिले और सड़क पर बैरिकेड व कचरा बिखरा था। संसद चलो मार्च के दौरान कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। प्रदर्शनकारियों के लिए इंटरनेट के माध्यम से भोजन व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कुछ होटल और रेस्तरां बाहर से आए ऑर्डरों में जानबूझकर भोजन की मात्रा कम भेज रहे हैं। उनके अनुसार, चूंकि ऑर्डर देने वाले लोग दूसरे शहरों में हैं, इसलिए शिकायत होने की संभावना कम रहती है और इसका कुछ विक्रेता अनुचित लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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