-डीयू में प्रदर्शनों पर रोक लगाने के आदेश पर उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष आर्यमान के सुरक्षा कर्मियों और उनके साथियों के ग्वायर हॉस्टल में रहने व मेस कर्मचारियों से अभद्रता का मामला गरमाता जा रहा है। सोमवार देर रात हुए इस विवाद के बाद मंगलवार को आधी रात तक ग्वायर हाल रेजिडेंट ने प्रदर्शन किया। अब इस प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल डीयू ने पुलिस के आदेश का हवाला देते हुए एक महीने तक कैंपस परिसर में प्रदर्शन पर रोक लगाई थी। इस आदेश के तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने, नारेबाजी करने, भाषण देने, जुलूस निकालने, व प्रदर्शन करने पर रोक है।
जबकि मंगलवार आधी रात तक नॉर्थ कैंपस स्थित ग्वायर हॉल के बाहर छात्र प्रदर्शन करते रहे। डीयू की रोक के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने हॉल परिसर के बाहर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों ने डूसू पदाधिकारी हॉस्टल छोड़ो, छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारे भी लगाए। छात्रों में डूसू पदाधिकारियों को लेकर नाराजगी दिखाई दी। छात्रों का आरोप है कि बाहरी छात्रों की आवाजाही से हॉस्टल का माहौल बिगड़ रहा है। इसका एक उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। इसी कारण से उन्हें विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्र इस मांग पर अड़े हैं कि डूसू पदाधिकारियों को हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए जाएं। मालूम हो कि सोमवार रात के हंगामे के बाद डीयू प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसी कमेटी के समक्ष बुधवार को ग्वायर हॉल रेजिडेंट (प्रदर्शन करने वाले छात्रों) को बुलाया गया। छात्रों की मांग है कि डूसू पदाधिकारियों से हॉस्टल खाली करवाया जाए।