नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के पीएचडी दाखिलों में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की आरक्षित सीटों के संबंध में दसवें दिन रविवार को भी बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आरक्षित सीटों की कमी को दूर करने और खाली सीटों को दोबारा अधिसूचित करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पीएचडी दाखिला प्रक्रिया में आरक्षण नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पीएचडी दाखिले में नेट-जेआरएफ आधारित प्रक्रिया खत्म कर जेएनयू प्रवेश परीक्षा बहाल करने और वाइवा के लिए बुलाने की प्रक्रिया में भी आरक्षण लागू करने की मांग की गई। ब्यूरो