साइबर सिटी में दो दिनों तक जलभराव और महाजाम को मुद्दा बनाकर कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश सरकार पर हमला बोला। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और वरिष्ठ नेत्री किरण चौधरी के नेतृत्व में लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया।
पार्टी नेताओं ने मनोहर लाल सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह सरकार प्रदेश के विकास के लिए नहीं विनाश के लिए सत्ता में आई है। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। उनका कहना था कि जिस तरह से गुड़गांव के लोग 25 घंटे जाम और जलभराव से जूझे, इसने प्रदेश सरकार के विकास के दावे की पोल खोल दी है। कांग्रेस ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन भी दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि भाजपा ने हरियाणा के विकास को कई साल पीछे धकेल दिया है। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाजाम के कारण गुड़गांव का नाम देश-विदेश में बदनाम हुआ।
भाजपा सरकार को पूरी तरह से फेल बताते हुए तंवर ने कहा कि यह सरकार एक या दो मोर्चे पर नहीं, हर मोर्चे पर मुंह के बल गिर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में ही होंडा चौक पर फ्लाईओवर निर्माण का खाका तैयार कर लिया था। भाजपा की सरकार आने के दो साल तक निर्माण पर किसी का ध्यान नहीं गया। यही हाल केएमपी का भी है। केएमपी निर्माण अधर में होने के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे से वाहनों का दबाव कम नहीं हो रहा है।
तंवर ने कहा कि होंडा चौक पर जाम पहली बार नहीं लगा था। इससे पहले भी यहां जाम लगते रहे हैं, मगर कांग्रेस सरकार में ट्रैफिक जाम इतनी बड़ी समस्या कभी नहीं रहा। इस महाजाम में पूरी रात हजारों लोगों को सड़कों पर छोड़ दिया गया था।
सरकार व प्रशासन की तरफ से एक भी व्यक्ति जाम में फंसे लोगों की मदद के लिए नहीं आगे नहीं आया। दूसरे दिन भी हालात काफी खराब हो गए थे। वहीं किरण चौधरी ने कहा कि मनोहर सरकार के जितने भी मंत्री हैं, सिर्फ बयानबाजी करते हैं। जाम लगने के बाद एक भी सरकार की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। महिलाओं सहित हजारों लोग रात भर जाम में फंस सड़क पर रुके रहे और सरकारी तंत्र आराम फरमाता रहा। प्रदर्शन के दौरान प्रदीप जेलदार, बलजीत कौशिक, गजे सिंह कबलाना आदि मौजूद रहे।
‘कानून-व्यवस्था भी नहीं संभाल पा रही सरकार’
किरण चौधरी ने कहा कि गुड़गांव में महिलाओं के साथ लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। यहां रोजाना हत्याएं हो रही हैं। यह सरकार लोगों को सुरक्षा देने में पूरी तरह से नाकाम है। यह सरकार प्रदेश के किसानों व मजदूरों को औ कितना दुख पहुंचाना चाहती है, इसका पता नहीं।