केरल में हिंदू संगठनों पर हो रहे जानलेवा हमलों के खिलाफ संघ राष्ट्रीय एकता मंच के आह्वान पर आरएसएस कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई अध्यक्ष अधिवक्ता गोपाल दत्त कर रहे थे।
उन्होंने इन घटनाओं के लिए माकपा सरकार व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष कालीदास ने कहा कि केरल में विशेष रूप से कन्नूर जिले में माकपाइयों के हाथों अनेक हिंदुओं की निर्मम हत्याएं हो चुकी हैं। क्योंकि वहां पर साम्यवाद की खोखली विचारधारा से ऊब कर भारी संख्या में लोग राष्ट्रवादी संगठन आरएसएस व भाजपा के साथ जुड़ रहे हैं।
सामाजिक समरसता मंच के संयोजक कर्नल समर सिंह ने कहा कि केरल में मार्क्सवादी हिंदुओं पर हमले कर अपनी पाशविकता का परिचय दे रहे है। भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने कहा कि पूरी दुनिया में धराशायी हो चुके कम्युनिस्ट भारत में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
अपने गिरते हुए जनाधार को बचाने के लिए अनैतिक साधनों का प्रयोग कर रहे हैं। अधिवक्ता परिषद से जीतसिंह भाटी ने कहा कि केरल के हालात बद से बदतर हो गए हैं। हिंदू संगठनों के पांच कार्यकर्ताओं निखिल, संतोष, सुरेश बाबू और सुरेंद्रन की हत्या ने पाशविकता की सारी सीमा लांघ दी है।
प्रदर्शन को शिक्षा उत्थान न्यास से डॉ. अलोक दीप, भाजपा नेत्री अनीता शर्मा, शिवदत्त वशिष्ठ, लघु उद्योग भारती से रवि खत्री, ग्राहक पंचायत से प्रदीप बंसल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर आरएसएस, भारतीय मजदूर संघ, भारत स्वाभिमान, सनातन संस्था, सेवा भारती, एबीवीपी, संस्कार भारती, वनवासी कल्याण आश्रम, सर्व इंडिया फाउंडेशन, प्रगति इंडिया, रामा कृष्ण फाउंडेशन सहित अनेक सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने हिस्सा लिया।