आलीगांव में तीन दिन के अंदर 700 से 800 मकान गिराने के यूपी सरकार के आदेश के खिलाफ स्थानीय लोगों का प्रदर्शन जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे किसी भी हाल में अपने मकानों को गिराने नहीं देंगे।
दक्षिणी दिल्ली के आलीगांव क्षेत्र में स्थानीय लोगों का प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 700 से 800 मकानों को गिराने के आदेश के विरोध में हो रहा है। इस आदेश के तहत, इन मकानों को तीन दिन के भीतर गिराया जाना है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी इस सरकारी कार्रवाई का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने मकानों को गिरने नहीं देंगे। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं।
उन्होंने यह भी कहा है कि अपने घरों को बचाने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार हैं। यह मामला क्षेत्र में तनाव का कारण बना हुआ है। आली चौक से शिव मंदिर तक पुश्ता रोड के दोनों तरफ करीब 1500 मकान-दुकान हैं। पीर मोहल्ला में करीब 300 मकान हैं। कुल 700 से 800 मकानों में कार्रवाई होनी है।
विज्ञापन
बे-घर होने का खतरा, खाली करने का आदेश
इस कार्रवाई से 15,000 से 20,000 लोग बेघर हो जाएंगे। मकानों को 26 से 28 तक खाली करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2027 को होगी। फिलहाल, हाईकोर्ट ने मकानों पर स्टे देने से मना कर दिया है। हाईकोर्ट का कहना है कि यह मामला पुराना है। लोग फिर से स्टे लेने के लिए सोमवार को हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। वहीं, कल रविवार को बुलडोजर की कार्रवाई होनी है।