- देशभर से आए शिक्षकों, कर्मचारियों और कई संगठनों ने लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता और निजीकरण के खिलाफ मंगलवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) की अगुवाई में प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें हर राज्यों से आए सैकड़ों शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों और कई संगठनों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में एनपीएस गो बैक के भी नारे लगे। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे प्रदर्शन से सभी एजेंसियां परेशान है। एनएमओपीएस अपनी मांगों पर अड़ा रहेगा। सरकारी कर्मचारी न तो नई पेंशन योजना से खुश है न ही एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) से खुश है। सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना चाहिए।
रेलवे कर्मचारी मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गुमराह कर रही है और आंदोलन को कुचल रही है। उन्होंने दावा किया कि एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) में बहुत खामियां हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि संसद के शीतकालीन सत्र में ओपीएस बहाली की मांग उठेगी। वहीं, दूसरे प्रदर्शनकारी प्रवीण मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार ने शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता कर दी है, जिससे कई कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा बन गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ओपीएस बहाली, टीईटी, और निजीकरण के खिलाफ अपनी आवाज को निरंतर उठाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि साल 2026 में वह संसद का घेराव करने की तैयारी में है।