अदृश्य दुश्मन है पीएम 2.5
पार्टिकुलेट मैटर 2.5 अदृश्य दुश्मन है। आकार में काफी छोटे होने के कारण यह आसानी में नाक से होते हुए लंग्स तक और वहां से खून में मिलकर दिल तक का सफर कर लेते हैं। इसमें धूल, गर्द, धातु के सूक्ष्म कण, रसायनिक धुआं सहित अन्य खतरनाक तत्व शामिल होते हैं।
दिल्ली में दोगुना है पीएम 2.5 का स्तर
दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर मानक से दोगुना स्तर पर बना हुआ है। सोमवार को दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 124 मापा गया। जबकि सामान्य तौर पर यह 60 से कम होना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि पराली के जलाने, वाहनों का धुआं, निर्माण क्षेत्र में प्रदूषण, रसायन के जलाने सहित अन्य से इसका स्तर बढ़ता है। दिल्ली में पीएम 2.5 के स्तर बढ़ने से दिक्कत बढ़ रही है।
20 फीसदी तक बढ़े मरीज डॉ. राम मनोहर लोहिया सहित एम्स, सफदरजंग, जीपी पंत सहित अन्य अस्पतालों में दिल के मरीज 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिसंबर तक दिल के मरीजों की संख्या बढ़ी रहती है। ठंड और प्रदूषण के कारण इन्हें काफी परेशानी होती है। ऐसे मरीजों को इस समय विशेष ध्यान रखना चाहिए। खासकर डॉक्टरों की सलाह की नियमित पालन करना चाहिए।
रखें इनका ध्यान
- नियमित करें बीपी की जांच
- मास्क का करें इस्तेमाल