लोगों की सुविधा और जाम की स्थिति का आकलन करने के बाद स्थायी बदलाव लागू किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया, लालबत्तियों के कारण रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा। उदाहरण के लिए, रिंग रोड पर किंग्सवे कैंप से विधानसभा तक का सफर 20-30 मिनट कम समय में पूरा हो सकेगा। सिग्नल-मुक्त सड़कों से ईंधन की बचत होगी। सुगम ट्रैफिक से वाहनों का धुआं कम होगा। ये सड़कें दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ती हैं। नजफगढ़ रोड और एमबी रोड से दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के लोग आसानी से गुरुग्राम और अन्य क्षेत्रों में जा सकेंगे। रोहतक रोड से हरियाणा और पंजाब की यात्रा सुगम होगी, जबकि रिंग रोड उत्तरी और मध्य दिल्ली को जोड़ने में अहम भूमिका है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता नईमुद्दीन के नेतृत्व में तीनों मुख्य अभियंताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस योजना को जल्द लागू करने की रणनीति तैयार की है। विभाग का कहना है कि जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
चारों सड़कों पर जाम की मौजूदा स्थिति...
रिंग रोड (दिल्ली विधानसभा से किंग्सवे कैंप)
यह दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है, जहां ढाई किलोमीटर के दायरे में 10 लालबत्तियां हैं। सुबह और शाम के समय यहां लंबा जाम लगता है, खासकर किंग्सवे कैंप चौक पर।
नजफगढ़ रोड (उत्तम नगर चौक से रिंग रोड राजौरी गार्डन)
इस मार्ग पर व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों की वजह से वाहनों का दबाव रहता है। सुबह 8 से 11 बजे और शाम 5 से 8 बजे के बीच जाम की स्थिति आम है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
एमबी रोड (महरौली-गुरुग्राम रोड)
यह सड़क दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ती है। मालवीय नगर, साकेत, और बदरपुर जैसे इलाकों में भारी ट्रैफिक के कारण वाहन रेंगते नजर आते हैं। मरम्मत कार्य और भारी वाहनों की आवाजाही से स्थिति और बिगड़ जाती है।
रोहतक रोड (पीरागढ़ी चौक से टिकरी बार्डर)
13 किलोमीटर के इस मार्ग पर 14 लालबत्तियां हैं, जो जाम का प्रमुख कारण हैं। पीरागढ़ी चौक और टिकरी बार्डर पर सुबह-शाम भारी जाम लगता है, जिससे पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाले यात्री परेशान रहते हैं।