हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों द्वारा प्रदेश सरकार के निजी बसों को परमिट दिए जाने के विरोध में किया जा रहा चक्का जाम चौथे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को भी पलवल बस अड्डा परिसर से एक भी रोडवेज की बस नहीं चलाई गई। रोडवेज कर्मचारी सुबह से ही बस अड्डा परिसर में हड़ताल पर बैठे रहे।
कर्मचारियों द्वारा सुबह से ही शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन में जहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई, वहीं वक्ताओं ने चुटकले सुनाकर भी एक-दूसरे का मनोरंजन किया। रोडवेज कर्मचारियों के इस चक्का जाम को देखते हुए पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कर्मचारी तैनात किए हुए थे।
रोडवेज की बसें न चलने के कारण यात्रियों को भले ही निजी बसें व आटो का सहारा मिल गया हो, लेकिन वे फिर भी परेशान दिखाई दिए। इसका कारण निजी बसों व आटो चालकों की मनमानी रही। निजी बसों के चालक व परिचालक तथा आटो चालक यात्रियों को जबरदस्ती खींच-खींचकर अपने वाहनों में बैठाते नजर आए।
यात्रियों का कहना था कि कई आटो चालकों ने तो मनमाना किराया तक वसूला। इतना ही नहीं राजमार्ग पर खड़े होकर यात्रियों ने दिल्ली व आगरा की तरफ से आने वाले वाहनों से लिफ्ट भी मांग कर यात्रा की। दोपहर तक चली यह हड़ताल सरकार द्वारा रोडवेज कर्मचारियों के साथ हुई बृहस्पतिवार को वार्ता के बाद समाप्त कर दी गई।
कर्मचारी महासंघ के प्रदेश जोनल सचिव व जिला प्रधान जिले सिंह भड़ाना ने बताया कि दोपहर बाद करीब चार बजे सरकार द्वारा निजी बसों को परमिट देने का फैसला रदद करने तथा उच्च न्यायालय में शपथ पत्र देने का निर्णय लेने व प्रदेश भर में निलंबित किए गए कर्मचारी नेताओं का निलंबत तुरंत प्रभाव से वापस लेने के बाद हड़ताल खत्म कर कर्मचारी काम पर लौट आए। उन्होंने कहा कि अब रोडवेज की बसें पहले की तरह ही चलेंगी।