नूंह नगरपालिका में बिना अनुमति के हरे पेड़ काटने के मामले को चार माह से अधिक बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
खास बात यह है कि मामले में नपा के सचिव रामकरण भारद्वाज तथा चेयरपर्सन सीमा सिंगला को आरोपी बताते हुए शिकायत उपायुक्त को दी गई, जिसे जांच के लिए एसडीएम को भेज दिया गया। लेकिन एसडीएम मामले पर ढ़ीला रवैया अपनाते हुए इसे जांच के लिए खुद नपा के सचिव को ही भेज दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले का आरोपी खुद अपने खिलाफ जांच कैसे कर सकता है। शिकायतकर्ता मामले को लेकर फिलहाल अदालत जा पहुंचा है। देखना यह है कि मामले को लेकर अदालत का क्या रवैया रहता है।
मामले के मुख्य शिकायतकर्ता वार्ड नंबर 6 निवासी आदिल खान ने उपायुक्त को शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि नगरपालिका परिसर में काफी हरे-भरे पेड हैं। 24 नवंबर को चेयरपर्सन सीमा सिंगला तथा सचिव रामकरण भारद्वाज ने कर्मचारियों के साथ मिल कर बिना वन विभाग से मंजूरी लिए 10-12 हरेभरे पेडों को काट लिया तथा अपने प्रयोग में ले लिया। उपायुक्त को दी गई शिकायत में नगरपालिका के पार्षद कमल गोयल, कृष्णा कश्यप, अंजुम यासमीन तथा कुर्रत मुजीब ने भी सहमति जताई। मामले की शिकायत वन विभाग को भी दी गई। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आरोपी ही करेंगे आरोपों की जांच
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने मामले की शिकायत उपायुक्त को दी। जिसे 25 नवंबर को ही डीसी द्वारा आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीएम नूंह के लिए भेज दिया। एसडीएम नूंह द्वारा मामले पर जांच करने की बजाए, शिकायत को जांच के लिए नपा के सचिव के लिए भेज दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी शिकायत ही नपा सचिव, चेयरपर्सन तथा कर्मचारियों के खिलाफ है। उसकी जांच खुद नपा सचिव कैसे कर सकता है।
दोषी को नहीं बख्शा जाएगा
डीसी मनीराम शर्मा ने कहा कि शिकायत की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।