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गाजियाबाद: एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाने के बाद पलटे पीआरओ, बोले- गलती हो गई

Tue, 12 Nov 2019 05:17 PM IST
Prachi Priyam योगेंद्र सागर, अमर उजाला, गाजियाबाद
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह - फोटो : Social Media
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भ्रष्टाचारों के आरोपों में घिरी गाजियाबाद पुलिस एक बार फिर चर्चा में है। इस बार थानों में की जा रही ट्रांसफर पोस्टिंग पर सवाल उठाए गए हैं। हैरत वाली बात यह है कि खुद एसएसपी के पीआरओ ने ही यह सवाल खड़े किए हैं। 
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एक वॉट्सएप ग्रुप पर पीआरओ के निजी नंबर से मैसेज डलने के बाद हड़कंप मच गया। उसमें कहा गया है कि गाजियाबाद में भ्रष्टाचारियों को थानों का चार्ज दिया गया है। बता दें कि एसएसपी ने चार थानों के एसएचओ बदले हैं। 

इनमें सिहानी गेच, नगर कोतवाली, ट्रोनिका सिटी व महिला थाना शामिल हैं। तबादले की सुगबुगाहट तीन दिनों से चल रही थी। इसी बीच सोमवार शाम एसएसपी के पीआरओ पंकज कुमार के निजी नंबर से एक वॉट्सएप ग्रुप में मैसेज फारवर्ड किए गए। उसमें कहा है कि थानों में भ्रष्ट अफसरों को चार्ज दिया गया है। 
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मैसेज में लिखा है कि गाजियाबाद की बड़ी पेशी में पेशकार सत्येंद्र सिंह को थाना खोड़ा से हटे अभी छह महीने भी नहीं हुए और उन्हें इंचार्ज बना दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने गाजियाबाद एसएसपी पर चार्ज सौंपने को लेकर उच्चाधिकारियों द्वारा बनाए गए मापदंडों के अनुसार काम नहीं करने का भी आरोप लगाया है।

 

क्या बोले एसएसपी?

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि उनकी छवि खराब करने के लिए मैसेज डाले गए हैं। किसी ऐसे निरीक्षक को चार्ज नहीं दिया गया है, जिनकी चरित्र पंजिका में भ्रष्टाचार का आरोप हो। एसपी सिटी को जांच सौंपी गई है। जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी।

 वहीं, पीआरओ पंकज कुमार का कहना है कि वह किसी ग्रुप में आए मैसेज को डिलीट कर रहे थे, लेकिन गलती से एक ग्रुप में फॉरवर्ड हो गए। उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहींं लगाया है।
 
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पीआरओ ने कहा- मैंने नहीं लगाया आरोप

 वहीं, पीआरओ पंकज कुमार का कहना है कि वह किसी ग्रुप में आए मैसेज को डिलीट कर रहे थे, लेकिन गलती से एक ग्रुप में फॉरवर्ड हो गए। उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहींं लगाया है।
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