- द्वारका के निजी स्कूल बढ़ी फीस का विरोध करने पर निजी स्कूल काट रहे नाम
- पहले दिन स्कूल पहुंची मासूम को 15 मिनट में लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के निजी स्कूलों में गैर मंजूर बढ़ी फीस के बकाया भुगतान को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहे है। अलग-अलग स्कूलों में छात्रों के नाम काटने का दौर जारी है। नए सत्र के पहले दिन पहुंचे छात्रों को स्कूल ने प्रवेश के कुछ देर बाद वापस भेज दिया। इसको लेकर अभिभावकों ने स्कूल के बाहर विरोध भी दर्ज कराया।
हैरानी वाली बात यह है कि निजी स्कूल शिक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों ठेंगा दिखा रहे है। लक्ष्मी नगर निवासी अश्विनी गुप्ता मयूर विहार फेज-3 स्थित नामी निजी स्कूल में अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए आए थे। लेकिन 15 मिनट बाद ही स्कूल ने बेटी को वापस ले जाने के लिए फोन करके उन्हें बुला लिया। अश्विनी ने बताया कि स्कूल अभिभावकों पर गैर मंजूर बढ़ी फीस के बकाया भुगतान का दबाव बना रहा है। इसका भुगतान न करने पर स्कूल ने अलग-अलग कक्षाओं के करीब 17-18 छात्रों के नाम काट दिए है।
स्कूल के बाहर जताया विरोध
इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की निदेशक से भी मुलाकात की थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि स्कूल को ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। मगर, स्कूल अपनी मनमानी पर अड़ा है। नए शैक्षणिक सत्र में स्कूल ने नाम काटे जाने वाले छात्रों को स्कूल तो बुलाया। लेकिन 15 मिनट बाद सभी अभिभावकों को फोन करके बच्चों को वापस ले जाने के लिए कह दिया। इसके विरोध में स्कूल के बाहर अभिभावकों ने विरोध भी दर्ज कराया। फिर वहां से बच्चों के साथ शिक्षा निदेशालय के मुख्यालय गए। वहां पर शिक्षा निदेशक ने स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है कि स्कूल को ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। साथ ही इस संबंध में आदेश जारी करने का आश्वासन दिया।
25 छात्रों के नाम काटने का थमाया नोटिस
वहीं द्वारका स्थित निजी स्कूल से छात्रों का नाम काटे जाने का नोटिस जारी किए जाने के बाद अभिभावकों ने स्कूल के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। चंदन कुमार ने बताया कि स्कूल ने 25 छात्रों को नाम काटे जाने का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सात अप्रैल से मान्य होगा। जिन छात्रों के नाम काटे गए है उनके अभिभावक कोर्ट द्वारा मंजूर फीस का भुगतान स्कूल को कर रहे है। उन्होंने बताया कि लेकिन स्कूल गैर मंजूर बढ़ी फीस के बकाया भुगतान की मांग कर रहा है। जबकि स्कूल शैक्षणिक सत्र 2023-24 में अभिभावकों से अतिरिक्त फीस ले चुका है। जिसके समायोजन के आदेश कोर्ट ने दे रखे है उसके बावजूद स्कूल 50 फीसदी अतिरिक्त फीस की मांग कर रहा है। हमारी मांग है कि स्कूल को तुरंत टेकओवर किया जाए। फीस संबंधी नए कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।