दिल्ली सरकार ने कुछ दिन पहले कोरोना वायरस टेस्ट के रेट 4500 से घटाकर 2400 रुपये कर दिए थे। इसके बाद से कुछ निजी लैब ने घर पर जाकर सैंपल लेना बंद कर दिया है। इससे उन लोगों को समस्या हो रही है,जो बाहर जाकर जांच नहीं करा सकते हैं।
मंगलवार को अमर उजाला ने कुछ लैब संचालकों से बात की कि वे अब घर पर जाकर कोरोना सैपंल लेने की सुविधा क्यों नही दे रहे हैं। इस पर एक निजी लैब संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, एक व्यक्ति के घर से सैंपल लेने के लिए एक अलग पीपीई किट, गाउन, गॉगल्स, मास्क, दस्ताने, शीशी, परिवहन का माध्यम, इन सब चीजों की आवश्यकता होती है।
ऐसे में घर जाने पर ही करीब 1000 से 1400 रुपये का खर्च आ जाता है। सरकार ने कोरोना जांच की दर घटाकर 2400 रुपये कर दी है। घर जाकर सैपंल लेने पर खर्च भी नहीं निकल रहा है। इसलिए, हमने पूरी तरह होम कलैक्शन बंद कर दिया है और लोगों से कहा है कि लैब पर आकर सैंपल दें। उन्होंने कहा कि लैब में आकर जांच कराने वालों से 2400 रुपये ही लिए जा रहे हैं।
रोहिणी के रहने वाले समर बताते हैं कि उन्होंने निजी लैब में जांच कराने के लिए संपर्क किया था, लेकिन लैब संचालक ने घर आकर नमूने लेने से मना कर दिया और कहा कि लैब में आकर ही जांच करानी होगी। इस मामले में डॉ. डांग लैब ने कहा कि वह अभी भी घर से जाकर नमूने ले रहे हैं। हालांकि, ज्यादा नूमने होने के कारण घर जाकर जांच करने की संख्या कुछ कम हुई है।
42 लैब में है अभी जांच की सुविधा
दिल्ली में अभी 42 लैब में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की मदद से रैपिड एंटीजन जांच भी शुरू की है। इससे जांच का दायरा बढ़ गया है। 22 जून तक दिल्ली में 3,84,696 सैम्पल की जांच की जा चुकी थी।