हरियाणा परिवहन निगम द्वारा बसों में सवारियों की संख्या सीमित होने का नियम खत्म होते ही निजी बस संचालकों की मनमानी शुरू हो गई है। हालात ये हैं कि जितनी सवारियां बसों के अंदर बैठी हुई हैं, उतने ही लोग छतों के ऊपर बैठकर यात्रा कर रहे हैं।
सवारियों को सामान की तरह भरकर ले जा रही बसों को देखकर यह नहीं लगता कि देश में कोरोना महामारी का प्रकोप है। वहीं, रोडवेज बसों में भी कोरोना से बचाव के संबंध में कोई खास इंतजाम नहीं दिख रहे हैं।
अधिक सवारियां भरकर चल रही बसें न सिर्फ लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही हैं, बल्कि नियमों की धज्जियां भी उड़ा रही हैं। इस ओर संबंधित विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
हरियाणा परिवहन निगम ने कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान बसें बंद कर दी थी, लेकिन करीब एक महीने पहले 30 सवारियों के साथ बस चलाने की अनुमति दी गई।
इसके साथ ही सैनिटाइजर से हाथ साफ कराने के निर्देश भी दिए गए थे। अब तीन दिन पहले हरियाणा सरकार की तरफ से सीमित सवारियों को बैठाने का नियम खत्म कर दिया गया। इसके बाद से निजी बस संचालकों ने बसों के ऊपर भी सवारियां बैठानी शुरू कर दी हैं।
जिले में चल रहीं 55 बसें
हरियाणा परिवहन निगम की पलवल जिले में कुल 100 बसें हैं। इनमें से 55 बसें ही लोकल रूटों के अलावा पलवल-सोहना, गुरुग्राम, रेवाड़ी, स्याणा, महेंद्रगढ़, आगरा, मथुरा, हथीन, उटावड़, हसनपुर, बल्लभगढ़, बदरपुर बॉर्डर तक चल रही हैं।
लंबी रूटों पर केवल जयपुर के लिए ही बसें चलाई रही हैं। सवारियों के हिसाब से देखा जाए तो पलवल में 55 बसें काफी कम हैं। इसका फायदा निजी बस संचालक उठा रहे हैं।