दरअसल 13 अप्रैल की रात को मृतक जगविंदर सिंघानिया (40) अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। रोहित की गाड़ी से बाइक टच होने पर जगविंदर की शराब की बोतल टूट गई। दोनों के बीच गाली-गलौज हुई। नशे में धुत रोहित ने जगविंदर की हत्या की योजना बना ली। बाद में शराब पिलाने की बात कर आरोपी उसे रणहौला ले गया।
वहां आरोपी ने शराब पिलाने के बाद जगविंदर के सिर पर ईंट और पत्थर से वारकर हत्या कर दी। बाद में शव को नाले में फेंक दिया। 27 अप्रैल को रणहौला थाना पुलिस को जगविंदर का शव बुरी तरह सड़ी-गली हालत में मिला। उसके पास से पर्स व आधार बरामद हुआ। उसी से उसकी पहचान हुई।
यह था पूरा मामला...
पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि जगविंदर परिवार के साथ सुरुखपुर रोड, गोपाल नगर में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी अंजु के अलावा एक बेटा व बेटी है। जगविंदर अपने पिता लीलाराम के साथ आरके पुरम सेक्टर-7 में किराना की दुकान चलाते थे। 13 अप्रैल सुबह के समय वह अपनी बाइक पर निकले। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे।
इस बीच परिजनों ने उनकी तलाश की तो उनकी बाइक एरिया में एक कॉलेज के पास खड़ी मिली। अगले दिन 14 अप्रैल को परिजनों ने बाबा हरिदास नगर थाने जाकर उनकी मिसिंग दर्ज कराई। जगविंदर का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। लोकल पुलिस के अलावा एएटीएस के इंस्पेक्टर कमलेश कुमार व अन्यों की टीम ने पड़ताल की।
500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की हुई पड़ताल...
जिस जगह पर जगविंदर की बाइक मिली, वहां के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की गई। देर रात को जगविंदर एक स्कोर्पियो चालक के साथ आते-जाते देखा गया। बाद में वह अपनी बाइक खड़ी कर उसके साथ बैठकर चला गया। पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्कोर्पियो गाड़ी की तलाश शुरू की।
शुरुआत में तीन गाड़ियों की पहचान की गई। इसकी पड़ताल करते हुए पुलिस बक्करवाला नाले तक पहुंच गई। बाद में स्कोर्पियो गाड़ी सवार रोहित कुमार सिंह को दबोच लिया गया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा। इस दौरान रणहौला थाना पुलिस को जगविंदर का शव भी नाले से मिल गया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम...
रोहित ने बताया कि कार से बाइक टच होने से जगविंदरकी शराब की बोतल टूट गई। इस बात पर उसने उसे बुरी तरह गालियां दी। रोहित ने उसे दूसरी शराब की बोतल दिला भी दी। बाद में उसने उसकी हत्या की योजना बनाकर उसे शराब पिलाने के बहाने कार में बिठा लिया। बाद में वह उसे रणहौला इलाके में ले गया।