हाईकोर्ट ने स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत याचिका पर बुधवार को सरकार से जवाब मांगा। शर्मा को देश की सुरक्षा से संबंधित गोपनीय जानकारी और दस्तावेज चीन को मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और इस संबंध में 2 दिसंबर को अगली सुनवाई तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
पुलिस की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक केवल सिंह अहूजा ने नोटिस स्वीकार किया और कोर्ट को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई से पहले इस संबंध में स्थिति रिपोर्ट दे दी जाएगी।
इस मामले में शर्मा को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। याचिका में उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की। इससे पहले शर्मा की जमानत याचिका 28 सितंबर को मजिस्ट्रेट अदालत ने खारिज कर दी थी और फिर 19 अक्टूबर को सत्र न्यायालय में भी याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
इस बीच शर्मा के वरिष्ठ वकील अदीश अग्रवाल ने दावा किया कि शर्मा साइनस की समस्या से पीड़ित हैं और उनका दो बार ऑपरेशन भी हो चुका है। उन्हें ऐसे में नेबुलाइजर से लगातार इलाज की जरूरत है और उन्हें कोविड-19 संक्रमण का भी ज्यादा खतरा है।
उनकी दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायालय ने यह कहते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि उनके खिलाफ पर्याप्त दस्तावेज मौजूद हैं।