गाजियाबाद के प्राइवेट स्कूलों में अर्से से शांत पड़ा फीस वृद्धि का जिन्न फिर से जाग गया है। सोमवार को फीस वृद्धि के मामले में कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा हुआ।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों से अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए अभिभावक सामाजिक कल्याण समिति ने धरना-प्रदर्शन किया।
अभिभावकों ने फीस से जुुड़ी अपनी मांगें प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा के सामने रखनी चाहीं, तो उन्होंने सुनने से इंकार कर दिया। इस पर गुस्साए अभिभावक प्रमुख सचिव की गाड़ी के आगे लेट गए।
पुलिस ने धक्का-मुक्की करके उन्हें हटाया। यही नहीं कविनगर थाना पुलिस समिति के संरक्षक सुदेश कुमार शर्मा और अध्यक्ष किरन शर्मा को अपने साथ ले गई। कविनगर थाने में करीब आधा घंटा बिठाने के बाद दोनों को छोड़ दिया।
अवैध वसूली रुकने तक जारी रहेगा आंदोलन
अभिभावक सामाजिक कल्याण समिति के संरक्षक सुदेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रमुख सचिव ने पैरेंट्स की बातें सुनना तक जरूरी नहीं समझा। जब तक स्कूलों में फीस, एनुअल चार्ज और स्कूल परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक नहीं लग जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
माडर्न स्कूल में फिर हंगामा
माडर्न स्कूल में कंपार्टमेंट आने पर अभिभावकों ने सोमवार को फिर हंगामा किया। फेल किए गए बच्चों की उत्तरपुस्तिकाओं में धांधली का आरोप लगा रहे अभिभावकों ने स्कूल की प्रधानाचार्या का घेराव किया।
प्रधानाचार्या के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई बाधित न करने की गुहार लगाई। शाम चार बजे तक स्कूल में बैठकर प्रदर्शन करते रहे अभिभावकों ने बताया कि उनसे प्रधानाचार्या नहीं मिलीं। हालांकि स्कूल के एक स्टाफ की ओर से री-टेस्ट कराए जाने की बात कही गई।
वैशाली सेक्टर-1 स्थित माडर्न स्कूल में सुबह दस बजे पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि स्कूल की ओर से सोमवार को करीब पांच अभिभावकों को फोन कर कॉपियां दिखाने के लिए बुलाया गया, जिनमें सभी को अलग-अलग वक्त दिया गया।
सुबह दस बजे जब सभी अभिभावक मिलने के लिए पहुंचे तो प्रधानाचार्या ने मिलने से मना कर दिया। हालांकि कुछ बच्चों को कॉपियां दिखाई गईं तो बच्चों ने बताया कि उनकी कॉपियों से ग्राफ गायब थे, इसके अलावा पेंसिल से बनाए गए डायग्राम भी मिटा दिए गए।
अभिभावकों ने कहा कि स्कूल की ओर से जानबूझकर कॉपियां दिखाने में देरी की गई है। जबकि पिछले चार दिनों से वह कॉपी दिखाने की मांग कर रहे हैं।
स्कूल बच्चों के साथ ज्यादती कर रहा है और दोबारा फीस एेंठने की कोशिश की जा रही है। हालांकि पूरे मसले पर प्रधानाचार्या की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान देने से मना कर दिया गया।