भारत ने सौर ऊर्जा के धनी 121 विकसित और विकासशील देशों के साथ एक महात्वाकांक्षी गठजोड़ की शुरुआत की है और इसके लिए तीन करोड़ डॉलर की सहायता की घोषणा की है।
इस गठजोड़ का लक्ष्य स्वच्छ सौर ऊर्जा उत्पादन को रफ्तार देने के साथ-साथ वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को घटाना है। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के प्रति दूसरे देशों ने खासी दिलचस्पी दिखाई और मंगलवार को इसकी पहली बैठक में 22 देशों ने हिस्सा लिया।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठजोड़ को प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के प्रेसिडेंट फ्रांस्वा ओलांद ने सोमवार को लांच किया। विकसित और विकासशील देशों के इस गठजोड़ का लक्ष्य स्वच्छ सौर ऊर्जा के उत्पादन में 2030 तक एक लाख करोड़ डॉलर जुटाकर निवेश करने का है।
मोदी ने इस बात की भी घोषणा की कि भारत इस पहल की मेजबानी हरियाणा के गुड़गांव स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी के परिसर में करेगा।
प्रधानमंत्री ने इस गठजोड़ के सदस्य देशों को कहा कि ज्यादातर लोगों को साल भर सूर्य की रोशनी मिलती है। इसके बावजूद कई के पास ऊर्जा का कोई स्रोत नहीं है।