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जेएनयू के कार्यक्रम में पीएम मोदी बोले- राष्ट्रवाद से बढ़कर कोई विचारधारा नहीं

Thu, 12 Nov 2020 08:59 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामी विवेकानंद की प्रतीमा का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित रहे।

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प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि मेरी कामना है कि जेएनयू में लगी स्वामी जी की ये प्रतिमा, सभी को प्रेरित करे, ऊर्जा से भरे। ये प्रतिमा वो साहस दे, साहस दे, जिसे स्वामी विवेकानंद प्रत्येक व्यक्ति में देखना चाहते थे। ये प्रतिमा वो करुणाभाव सिखाए, दया सिखाए, जो स्वामी जी के दर्शन का मुख्य आधार है।

उन्होंने कहा कि ये प्रतिमा देश को युवाओं के नेतृत्व वाले विकास के विजन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे, जो स्वामी जी की अपेक्षा रही है। ये प्रतिमा हमें स्वामी जी के सशक्त-समृद्ध भारत के सपने को साकार करने की प्रेरणा देती रहे।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का युवा दुनियाभर में ब्रांड इंडिया का ब्रांड एंबेसडर हैं। हमारे युवा भारत की संस्कृति और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। आपसे अपेक्षा सिर्फ हजारों वर्षों से चली आ रही भारत की पहचान पर गर्व करने भर की ही नहीं है, बल्कि 21वीं सदी में भारत की नई पहचान गढ़ने की भी है।

उन्होंने कहा कि अतीत में हमने दुनिया को क्या दिया, ये याद रखना और ये बताना हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाता है। इसी आत्मविश्वास के बल पर हमें भविष्य पर काम करना है। भारत 21वीं सदी की दुनिया में भारत क्या योगदान देगा, ये हम सभी का दायित्व है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब-जब भारत का सामर्थ्य बढ़ा है , तब-तब उससे दुनिया को लाभ हुआ है। भारत की आत्मनिर्भरता में आत्मवत सर्वभूतेषु की भावना जुड़ी हुई है, पूरे संसार के कल्याण की सोच जुड़ी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कैंपस में एक लोकप्रिय जगह है- साबरमती ढाबा, आज तक आपके विचार की, डिबेट की, चर्चा की जो भूख साबरमती ढाबा में मिटती थी। अब आपके लिए स्वामी जी की इस प्रतिमा की छत्रछाया में एक और जगह मिल गई है।

इस कार्यक्रम में मौजूद शिक्षा मंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल निशंक ने स्वामी विवेकानंद को भारत की सांस्कृतिक धरोहर बताया और कहा कि उनका शिकागो में दिया गया भाषण एक मिसाल है। इसके साथ ही उन्होंने जेएनयू के पूर्व छात्रों को मूर्ति की स्थापना के लिए बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि हम नेशन फर्स्ट के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

यह प्रतिमा पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा से भी तीन फीट ऊंची बनाई गई है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को दुनिया भर में फैलाने की मुहिम में जुटे विपुल पटेल की पहल पर पांच साल पहले सरकार ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के पास स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया था।

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