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जल्द पूरा होगा मोदी का एक और ख्वाब

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पाचं दिन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और ख्वाब पूरा होने जा रहा है। अपने चहेते नेता के इस ख्वाब को पूरा करने में भाजपा के दिग्गज नेता दिनरात एक किए हुए हैं।
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मोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले आम जनता से एक वादा लिया था जो जनता तो पूरा कर दिया लेकिन अब बारी पीएम मोदी की है।

लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले भाषण के लिए भाजपा ने खास रणनीति बनाई है। क्योंकि इसी से जुड़ा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ख्वाब और 'आम आदमी' से किया हुआ उनका एक 'खास' वादा भी।

जानिए, भाजपा की 'खास' प्लानिंग

स्वतंत्रता दिवस पर आम आदमी के जुड़ाव और लगाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा हर संभव कोशिश में लगी हुई है। भीड़ जुटाने के साथ ही भाजपाई उनकी सुरखा को लेकर भी चिंतित हैं। इसके लिए वह लगातार सुरक्षा एजेंसियों और सरकारी विभागों से संपर्क कर रहे हैं।

लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी के पहले भाषण से आम आदमी को जोड़ने के लिए भाजपा ने स्वतंत्रता दिवस की सुबह करीब 10 हजार दर्शक बुलाने की तैयारी की है।

भाजपा नेताओं का मानना है कि पिछले सालों के मुकाबले इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के पास सबसे ज्यादा भीड़ जुटेगी।

पढ़िए, क्या है मोदी का ख्वाब?

लोकसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चांदनी चौक में रैली के दौरान वहां मौजूद जनता से अपील की थी कि इस बार भाजपा को इतना मजबूत जनाधार दिलाएं ताकि वह लाल किले से चांदनी चौक समेत पूरे देश को संबोधित कर सकें।

जनता के बाद भाजपा नेता भी प्रधानमंत्री मोदी के इस ख्वाब को पूरा करने में जुटे हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पहले की सरकारों ने आम आदमी को ऐसे समारोहों से दूर रखा है लेकिन भाजपा सरकार में ऐसा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि आम जनता को लाल किले तक पहुंचने में असुविधा न हो इसके लिए डीटीसी और दिल्ली मेट्रो के अधिक‌ारियों से बातचीत की जा रही है।

आसान होगी लाल किले की राह

भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 10 हजार लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है।

भाजपा नेता मीरा अग्रवाल ने कहा कि 10 हजार लोगों के लिए एक अलग से घेरा बनाया जाएगा। साथ ही लोगों की सहूलियत के लिए सुबह 4:30 बजे से ही मेट्रो चलाने की अपील की गई है।

इसके अलावा समारोह में शामिल होने वाले लोगों को पहुंचाने के लिए फीडर बसें भी चलाई जाएंगी। लोगों को किसी तरह की असुविधा न होने पाए इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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एक बार फिर दोहराएगा इतिहास

प्रवीण शंकर कपूर के मुताबिक 1947 में भारत की आजादी के बाद से आपातकाल के समय तक आम जनता को लाल किले के पास प्रधानमंत्री का भाषण सुनने की छूट थी और बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचते थे, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह परंपरा बंद कर दी गई।

हालांकि हमेशा से ही लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने की उम्मीद लगाए रहते हैं।

कपूर ने जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर ये अपील की थी कि इस साल लाल किले पर होने वाले समारोह में आम जनता को भी शामिल होने दिया जाए।
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