राजधानी में लूटपाट और झपटमारी की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बेखौफ बदमाशों ने उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी दयमंती बेन से पर्स लूट लिया। यह पहली बार नहीं हुआ जब पीएम मोदी के परिवार के सदस्य को बदमाशों ने निशाना बनाया है, इससे पहले भी बदमाश पीएम मोदी के भाई को निशाना बना चुके हैं।
दरअसल, शनिवार को वारदात के समय दमयंती बेन परिवार के साथ ऑटो से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से सिविल लाइंस स्थित गुजरात भवन पहुंची थीं। ऑटो से उतरने के दौरान ही सफेद रंग की स्कूटी पर सवार दो बदमाशों ने दमयंती से पर्स छीन लिया।
पीड़िता ने मामले की सूचना पुलिस को दी। जैसे ही पुलिस अधिकारियों को पता चला कि दमयंती प्रधानमंत्री की भतीजी हैं, उनके होश उड़ गए। दमयंती के पर्स में दो मोबाइल फोन, 50-60 हजार नकदी, कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज के अलावा एटीएम व अन्य कार्ड थे। उधर, पुलिस का कहना है कि बदमाशों की पहचान कर ली गई है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक वारदात शनिवार सुबह 6.45 बजे गुजरात समाज भवन के ठीक सामने हुई। प्रधानमंत्री के भाई प्रह्लाद मोदी की बेटी दमयंती बेन परिवार के साथ अमृतसर गई थीं। शनिवार तड़के वह पति विकास मोदी व दो बेटियां के साथ दिल्ली पहुंची। पति विकास मोदी कारोबारी है। परिवार को छह घंटे दिल्ली में रुकना था। परिवार ने कुछ समय रुकने के लिए गुजरात समाज भवन में कमरा बुक कराया था।
पुरानी दिल्ली स्टेशन से सिविल लाइंस जाने के लिए परिवार ऑटो में सवार हुआ। 6.45 बजे दमयंती ऑटो से उतर रही थी, इसी बीच स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उनके हाथ से पर्स छीन लिया। वारदात की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए।
मामले की छानबीन शुरू कर दी गई। हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण जिले की स्पेशल स्टाफ, एटीएस, साइबर सेल के अलावा स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच व दिल्ली पुलिस की बाकी जांच एजेंसियों ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
मोदी के भाई का भी मोबाइल लूट ले गए थे बदमाश
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई प्रह्लाद मोदी ने घटना को लेकर अफसोस जताया है। उन्होंने बताया कि एक माह पूर्व उनका मोबाइल भी बदमाशों ने उत्तरी दिल्ली में लूट लिया था। दिल्ली पुलिस अभी कुछ पता नहीं लगा पाई है। उन्होंने कहा कि हम सामान्य नागरिक की तरह रहते हैं और कानून पर भरोसा करते हैं।