पुजारियों ने पलायन की अनुमति मांगी
पुलिस की मौजूदगी में मारपीट से आक्रोशित पुजारियों ने अब मुख्यमंत्री से पूरे गांव से पलायन की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे यह कदम उठाने को मजबूर होंगे।
घटना करीब दो घंटे तक चली
इस घटना के दौरान होडल थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल और हसनपुर थाना प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। घटना करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान पुलिस बार-बार कंट्रोल रूम से अतिरिक्त बल की मांग करती रही, लेकिन सीईटी परीक्षा के चलते बल नहीं मिल सका। बाद में डीएसपी विवेक चौधरी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे।
हमला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था
पुजारी हरिराम, सुनील कुमार, रामेश्वर आदि ने आरोप लगाया कि यह हमला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। मार्च माह में भी मंदिर पर कब्जे की कोशिश की गई थी, जिसे तत्कालीन एसपी और डीसी ने विफल कर दिया था। अब फिर से भंडारे का बहाना बनाकर हमला किया गया है। हसनपुर थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खबर लिखे जाने तक गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस बल तैनात है।
क्या है मंदिर की विशेषता
भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर की ऐतिहासिक मान्यता है। वरिष्ठ पुजारी राजाराम गोस्वामी के अनुसार, यह मंदिर लगभग 850 वर्ष पुराना है। मान्यता है कि गांव खिरबी के दो भक्त भाइयों राघौ और रामदास को परिक्रमा के दौरान भगवान ने दर्शन दिए और एक विशेष स्थान पर मूर्ति मिलने का संकेत दिया। बाद में खुदाई में मूर्ति मिली और वहीं यह मंदिर स्थापित किया गया। यहां हर वर्ष आंवला एकादशी और अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।