गणित को आसान बनाने से लेकर पहाड़ी इलाकों में डिजिटल शिक्षा और स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तक, शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए। विभिन्न राज्यों के इन शिक्षकों के नवाचारों और शिक्षा के प्रति समर्पण को अब राष्ट्रीय पहचान मिली है। स्कूल की इमारतों, आधुनिक पाठ्यक्रमों व सरकारी नीतियों से इतर इन शिक्षकों ने बच्चों के भविष्य संवारने के लिए इन्होंने व्यक्तिगत तौर पर भी अनेक प्रयास किए। शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।
रोहतक: अब खेल खेल में गणित सीख रहे बच्चे, बोले ये काफी आसान
जिस गणित से बच्चे डरते थे, अब उसी को खेल-खेल में सीख रहे हैं। गांव सांघी के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के गणित अध्यापक अनिल कौशिक की वर्चुअल मैथमेटिक्स लैब ने गणित को बोझ नहीं, दोस्त बना दिया है। उनके पढ़ाए छात्र कहते हैं, सर ने कभी गणित का दबाव नहीं बनने दिया। उनके पजल कॉर्नर से हमें गणित आसान लगता है। 13 साल से नवाचार से पढ़ा रहे राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांघी के अनिल कौशिक को अब 5 सितंबर को राष्ट्रपति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित करेंगे। इस लैब में कक्षा 6 से 10 तक का एनसीईआरटी पाठ्यक्रम, भारतीय गणितज्ञों की जीवनी, फॉर्मूले, टीचिंग लर्निंग मैटीरियल सहित 12 वर्गों में पाठन सामग्री और 130 से अधिक मैथमेटिक्स पजल उपलब्ध हैं।
राजोरी: नवाचारों के साथ डिजिटल शिक्षा
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजोरी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। थन्नामंडी निवासी और दल्होरी स्थित सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) के लेक्चरर मोहम्मद अयाज रैना का चयन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। मोहम्मद अयाज रैना राजोरी जिले के दल्होरी स्थित सरकारी स्कूल में बॉटनी के लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से अलग हटकर कक्षा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी डिजिटल शिक्षा और नवाचार आधारित प्रयोगों को प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया है।
शिमला: पर्यावरण संरक्षण पर काम
पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुजानपुर टीहरा की प्रधानाचार्या मंजरी वी महाजन का चयन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए हुआ है। महाजन को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवाचार आधारित शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों और प्रभावी विद्यालय नेतृत्व के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विद्यालय में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार लाने तथा विभिन्न नवाचारों को लागू करने में उनके प्रयासों को व्यापक सराहना मिली है। संवाद
धनबाद: सीमित संसाधनों में मुनमुन ने संवारा नौनिहालों का भविष्य
झारखंड से धनबाद की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को भी राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान मिलेगा। मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को आगामी 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। सीमित संसाधनों के बीच नवाचार और बेहतर शिक्षण व्यवस्था के जरिए बच्चों के भविष्य को संवारने वाली मुनमुन की इस उपलब्धि से पूरे धनबाद में खुशी का माहौल है। झारखंड से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य ने अपनी अलग पहचान बनाई।