परियोजनाओं का उद्घाटन करते राष्ट्रपति।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को हरियाणा को चार कौशल केंद्र और एक मॉर्डन सरकारी स्कूल का तोहफा दिया। सोहना खंड के गांव दौला में आयोजित कार्यक्रम में रिमोट से राजकीय विद्यालय और ड्राइविंग इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखी, जबकि अंबाला, पलवल और महेंद्रगढ़ में प्रधानमंत्री कौशल केंद्र का ई-उद्घाटन किया गया। राष्ट्रपति के स्मार्ट ग्राम पहल परियोजना के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने भी 1000 गांवों को स्मार्टग्राम बनाने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रपति भवन द्वारा 2 जुलाई, 2016 को हरियाणा के गुरुग्राम और मेवात के पांच गांवों को स्मार्ट ग्राम बनाने के लिए गोद लिया गया था। अब राष्ट्रपति भवन ने हरियाणा के 100 गांव गोद लेने का निर्णय लिया है। इसकी अधिकारिक घोषणा भी शुक्रवार को की गई।
प्रणब मुखर्जी ने तीन करोड़ की लागत से तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) द्वारा बनाए जाने वाले उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा बनाए जाने वाले ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआई) का शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न विकास गतिविधियों के लिए ग्राम पंचायत के साथ एमओयू साइन किए गए। राष्ट्रपति द्वारा गांव के प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के प्रशिक्षुओं और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने इस मौेक पर युवाओं से आह्वान किया कि वे कौशल विकास प्रशिक्षण लेकर अपनी तकदीर संवारें। उन्होंने कहा कि अगर गांवों को समृद्ध करना है तो माताओं, बहनों और बेटियों को आगे बढ़ाना होगा और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसा करने के लिए हम सभी को साथ मिलकर काम करना होगा। गांवों के विकास पर बल देते हुए उन्होंने वहां रोजगार उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट ग्राम का मतलब है, एक ऐसा गांव जिसमें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों और जहां खुशी और खुशहाली दोनों हों। यह तभी संभव है जब सरकार, प्राइवेट सेक्टर, पब्लिक इंस्टीट्यूशन, एनजीओ और गांववासी एकजुट होकर गांव के विकास के लिए काम करें।