गुरु द्रोणाचार्य की नगरी से महज 20 किमी की दूरी पर सोहना खंड के अलीपुर गांव को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गोद लिया है। दो जुलाई को राष्ट्रपति भवन से गुड़गांव व मेवात के अलीपुर सहित पांच गांवों को आदर्श बनाने की योजना की शुरूआत की जाएगी।
राष्ट्रपति के गोद लिए जाने वाले गांव की हकीकत यह है कि यहां पर आदमी तो दूर जानवरों के उपचार का भी कोई इंतजाम नहीं है। राष्ट्रपति को भेजे प्रस्ताव में सरपंच ममता ने सबसे पहले बिजली कार्यालय, जच्चा-बच्चा केंद्र और पशु अस्पताल की दशा को ठीक करने को कहा है।
पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में न तो पीने के पानी की व्यवस्था सही है और ना ही बच्चों के खेलने-कूदने का कोई स्थान है।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर गांव में दो बार राष्ट्रपति भवन से टीम दौरा कर चुकी है। राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों की पूरे गांव पर नजर है। पेश है संवाददाता मयंक तिवारी और फोटो ग्राफर दिनेश कुमार की ग्राउंड रिपोर्ट।