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राष्ट्रपति के गांव की ग्राउंड रिपोर्ट : गगनचुंबी इमारतों से कुछ दूर बदहाल है अलीपुर

Fri, 01 Jul 2016 04:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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राष्ट्रपति का गोद लिया गांव - फोटो : अमर उजाला
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गुरु द्रोणाचार्य की नगरी से महज 20 किमी की दूरी पर सोहना खंड के अलीपुर गांव को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गोद लिया है।  दो जुलाई को राष्ट्रपति भवन से गुड़गांव व मेवात के अलीपुर सहित पांच गांवों को आदर्श बनाने की योजना की शुरूआत की जाएगी। 
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राष्ट्रपति के गोद लिए जाने वाले गांव की हकीकत यह है कि यहां पर आदमी तो दूर जानवरों के उपचार का भी कोई इंतजाम नहीं है। राष्ट्रपति को भेजे प्रस्ताव में सरपंच ममता ने सबसे पहले बिजली कार्यालय, जच्चा-बच्चा केंद्र और पशु अस्पताल की दशा को ठीक करने को कहा है। 

पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में न तो पीने के पानी की व्यवस्था सही है और ना ही बच्चों के खेलने-कूदने का कोई स्थान है।  

राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर गांव में दो बार राष्ट्रपति भवन से टीम दौरा कर चुकी है। राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों की पूरे गांव पर नजर है। पेश है संवाददाता मयंक तिवारी और फोटो ग्राफर दिनेश कुमार की ग्राउंड रिपोर्ट। 
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गांव में नही है बिजली पानी की व्यवस्था

राष्ट्रपति द्वारा गोद लिया गांव - फोटो : अमर उजाला
नहीं है कोई व्यवस्था
गगनचुंबी इमारतों से कुछ दूरी पर स्थित अलीपुर गांव है। गांव के लोगों की सुविधा के लिए बिजली कार्यालय बना हुआ है। वह जर्जर हो चुका है। 

वहां पर बैठना तो दूर कोई खड़ा नहीं हो सकता है। बिजली के काम के लिए लोगों को बादशाहपुर चक्कर लगाना पड़ता है। इसी तरह की हालत जच्चा-बच्चा केंद्र की है। 

स्वास्थ्य भवन पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। पीछे के हिस्से में बुजुर्ग महिला रहती है। जबकि आगे के हिस्से में किसी ने भिटौला लगा रखा है। पशुओं के लिए अस्पताल है पर वहां पर डाक्टर नहीं है। 

इसे भी जानें
: गांव में एक हजार के लगभग घर हैं। 
: गांव की आबादी पांच हजार से अधिक है। 
: गांव में 2400 मतदाता हैं। 
: गांव में कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। 
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