पर्यावरण को हराभरा व स्वच्छ रखने के लिए रेलवे, एनडीएमसी, जल बोर्ड समेत कई संस्थाओं ने शनिवार को हरित दिवस मनाया। इस मौके पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। दिल्ली जल बोर्ड ने 28 स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया।
इसी तरह दिल्ली रेल मंडल ने करीब डेढ़ लाख पौधे लगाए तो एनडीएमसी इलाके में भी बड़े पैमाने पर पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए जगह-जगह पौधे लगाए।
एनडीएमसी के एक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि एक समय दिल्ली को गार्डन सिटी के रूप में जाना जाता था। लेकिन शहरीकरण के कारण दिल्ली का हरित क्षेत्र कम होने लगा।
हालांकि यह गर्व की बात है कि नई दिल्ली क्षेत्र राजधानी के सबसे हरे भरे क्षेत्रों में से एक है। 50 प्रतिशत से अधिक ग्रीन कवर होने के साथ लगाए गए 90 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। उपराज्यपाल ने शिवाजी स्टेडियम स्थित तिकोना पार्क का दौरा करने के दौरान मीडिया से बातचीत में पर्यावरण सुरक्षित रखने की बातें कहीं।
तिकोना पार्क में एनडीएमसी पांच एकड़ भूमि पर पुनर्विकास कर रहा है। इसे हैपीनेस एरिया के रूप में विकसित करने की योजना है। उपराज्यपाल ने एनडीएमसी अध्यक्ष को दिल्ली शहरी कला आयोग से परामर्श कर डिजाइन को अंतिम रूप देने को कहा।
इस मौके पर एनडीएमसी के अध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि तिकोना पार्क में ट्रैफिक प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ग्रीन एरिया के रूप में विकसित किया जाएगा। फव्वारा लगाकर और खूबसूरत बनाया जाएगा। एनडीएमसी क्षेत्र स्थित इंडोनेशिया और श्रीलंका के राजदूत ने दूतावास परिसर में पौधे लगाए हैं।
उधर दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से पूरे दिल्ली में जामुन, कनेर, मोतिया, गारडेनिया, मुरिया, बोगेनविलिया, हीबीकस, हेमेलिया, चांदनी समेत कई किस्मों के 1 लाख पौधे लगाए गए। इस अभियान में दिल्ली जल बोर्ड के कायकारी अध्यक्ष निखिल कुमार समेत करीब आठ हजार कर्मचारियों व अधिकारियों ने हिस्सा लिया।