फीस का भुगतान न कर पाने के कारण गरीब बच्चे आठवीं के आगे नहीं पढ़ पाते। ऐसे में समिति ने सिफारिश की है कि शिक्षा विभाग को निजी स्कूलों में 12वीं तक पढ़ने वाले सभी ईडब्ल्यूएस/डीजी के छात्रों को मुफ्त शिक्षा का लाभ देना चाहिए।
राजधानी के हजारों गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में 12वीं तक शिक्षा का अधिकार मिल सकता है। बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए विधानसभा की एससी-एसटी कल्याण समिति ने सिफारिश की है। एससी-एसटी दिल्ली विधानसभा के कल्याण संबंधी समिति के अध्यक्ष विशेष रवि की अध्यक्षता में शनिवार को 13वीं बैठक हुई। इसमें संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई।
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विशेष रवि ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले ईडब्ल्यूएस-डीजी छात्रों के अधिकारों और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए शिक्षा विभाग को तलब किया था। बैठक में विचार-विमर्श किया गया कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम वर्तमान में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करता है। यह आठवीं कक्षा तक ही मिल पाती है।
फीस का भुगतान न कर पाने के कारण गरीब बच्चे आठवीं के आगे नहीं पढ़ पाते। ऐसे में समिति ने सिफारिश की है कि शिक्षा विभाग को निजी स्कूलों में 12वीं तक पढ़ने वाले सभी ईडब्ल्यूएस/डीजी के छात्रों को मुफ्त शिक्षा का लाभ देना चाहिए। इस बात पर भी चर्चा की गई कि कुछ निजी स्कूलों को सरकारी एजेंसियों से जमीन मिली है। वे पहले से ही कक्षा 12 तक के ईडब्ल्यूएस बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं।
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समिति का मानना है कि सभी बच्चों को उनकी सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना शिक्षा तक निरंतर पहुंच प्रदान करना आवश्यक है। 12वीं तक के सभी ईडब्ल्यूएस छात्रों को मुफ्त शिक्षा का लाभ देने से यह सुनिश्चित होगा कि वे एक पूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही उच्च अध्ययन व बेहतर करियर की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त कर पाएंगे।