-रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और भव्य झांकियों से सजेंगे मंदिर, मटकी फोड़ और भजन संध्या के आयोजन की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही पूर्वी दिल्ली के मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। लक्ष्मी नगर, शाहदरा, दुर्गापुरी चौक, कृष्णा नगर, विवेक विहार, दिलशाद गार्डन, मंडावली, पटपड़गंज, प्रीत विहार, गीता कॉलोनी और मयूर विहार समेत कई इलाकों के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसरों में रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और विशेष सजावट का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। श्रद्धालुओं में भी जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
उसमानपुर स्थित एक मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर पारंपरिक धार्मिक आयोजनों के साथ भव्य झांकियां, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से जीवंत रूप देने की तैयारी की जा रही है। इनमें कृष्ण जन्म, पूतना वध, कालिया नाग दमन, गोवर्धन पर्वत उठाने और रासलीला जैसे प्रसंग प्रमुख रहेंगे।
मंदिर समितियां इस बार झांकियों को और आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दे रही हैं। कई मंदिरों में एलईडी लाइटिंग, आधुनिक तकनीक और विशेष साउंड इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को वृंदावन और गोकुल जैसा माहौल महसूस हो सके। समितियों के अनुसार, जन्माष्टमी पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकियों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मटकी फोड़ और भजन संध्या का रहेगा आकर्षण
जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं को लेकर बच्चों और युवाओं में खास उत्साह है। विभिन्न कॉलोनियों और मंदिर समितियों की ओर से टीमों का गठन किया जा रहा है। आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। वहीं, मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जन्माष्टमी की रात विशेष भजन संध्या में स्थानीय कलाकारों और धार्मिक मंडलियों की प्रस्तुतियां होंगी।
भीड़ को देखते हुए किए जा रहे विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिरों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ अतिरिक्त स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। पेयजल, प्रसाद वितरण और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी की जा रही है।
जन्माष्टमी की रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का विशेष आयोजन होगा। शंखनाद, घंटियों और जयकारों के बीच भगवान का अभिषेक किया जाएगा। कई मंदिरों में फूल बंगला और झूला सजाकर लड्डू गोपाल को विराजमान किया जाएगा। जन्म के बाद प्रसाद वितरण और महाआरती के साथ उत्सव का समापन होगा।