यमुनापार इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या है। इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने बिहारी कॉलोनी से ड्रेन नंबर-एक पर टेल्को टी पॉइंट तक एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार की है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी जल्द ही डीपीआर तैयार करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करेगी। बीते दिनों पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और यमुनापार विकास बोर्ड के चेयरमैन अरविंदर सिंह लवली ने ड्रेन का स्थलीय निरीक्षण भी किया है।
वर्तमान में स्वामी दयानंद मार्ग पर ट्रैफिक की स्थिति बेहद खराब है। यह मार्ग पूर्वी दिल्ली की चार प्रमुख विधानसभाओं को जोड़ता है और हर दिन लाखों वाहन यहां से गुजरते हैं। लेकिन थोड़ी-थोड़ी दूरी पर बनी रेडलाइटें ट्रैफिक की रफ्तार को पूरी तरह तोड़ देती हैं।
शाहदरा से आते ही सबसे ईस्ट आजाद नगर रेडलाइट पर सुबह और शाम के समय इतना लंबा जाम लग जाता है कि इसे पार करने में 10 से 15 मिनट तक लग जाते हैं। इसके बाद स्वर्ण सिनेमा रेडलाइट पर दोनों ओर से टू-व्हीलर और ऑटो चालकों की कतारें ट्रैफिक को और धीमा कर देती हैं।
आगे बढ़ते ही विश्वास नगर और कृष्णा नगर की रेडलाइट ट्रैफिक फ्लो को बार-बार रोकती हैं। इसके बाद यहां से निकलते ही जगतपुरी रेडलाइट आ जाती है। इससे जो रास्ता 10 मिनट से भी कम समय में पार हो जाता है उसे पार करने में 30 से 40 मिनट तक लग जाता है।
स्वामी दयानंद मार्ग पर पांच रेडलाइट से सुबह और शाम के समय टूटता है ट्रैफिक का फ्लो
अधिकारियों के अनुसार, ड्रेन नंबर-एक के ऊपर बनने वाली एलिवेटेड रोड से इस पूरे रूट पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए वाहन बिना रेडलाइट रुके सीधे टेल्को टी पॉइंट तक पहुंच सकेंगे। इससे न सिर्फ यात्रा समय घटेगा, बल्कि ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि एलिवेटेड रोड बनने से मुख्य सड़क पर केवल लोकल ट्रैफिक बचेगा, जिससे पैदल यात्रियों और दुकानदारों को भी राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है तो यह केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान नहीं होगी, बल्कि यमुनापार के समग्र विकास को भी गति देगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही, पूर्वी दिल्ली को शहर के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला यह एलिवेटेड रोड आने वाले वर्षों में एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन साबित हो सकता है।