आयुष्मान भारत पर 6400 करोड़ रुपये खर्च की योजना में सालाना 5 लाख रुपये का बीमा देने वाली इस योजना के तहत 1300 पैकेज के उपचार की कीमतों में वृद्घि हो सकती है। इसी माह होने वाली बैठक में इस पर अंतिम फैसला भी लिया जाना है।
चूंकि लंबे समय से निजी अस्पतालों की शिकायत है कि आयुष्मान भारत के तहत उन्हें उपचार के लिए मिलने वाली राशि बेहद कम है। इसलिए सरकार अब सरकारी दरों से ज्यादा उपचार का भुगतान कर सकती है। ताकि मैक्स, अपोलो, फोर्टिस, वुकहार्ट, जैसे बड़े अस्पताल भी इसके दायरे में आ सकें।
देश भर में बनेंगी लैब, 160 करोड़ की योजना
केंद्र ने देश भर में लैब स्थापित कर मच्छर जनित एवं संक्रामक बीमारियों की समय पर जांच के लिए 160 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी है। हालांकि आयुष मंत्रालय के बजट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों को मिलने वाली सहायता में बदलाव नहीं किया है। जबकि आयुर्वेद अनुसंधान पर 292 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं।
कुल बजट 62,659.12
केंद्रीय ऑफिस-अस्पताल- 5127.93
केंद्रीय प्रोजेक्ट -7450
नियामक निकाय -395.73
स्वायत्तशासी निकाय -8304.99
अन्य संस्थाएं -1829.47
केंद्र प्रायोजित सहायता योजना -39551
आयुष्मान भारत में शुरू से ही निजी अस्पतालों की मांगों को दरकिनार किया जा रहा था, लेकिन अब बजट बढ़ने से अस्पतालों को उपचार की सही कीमत मिल सकेगी। सरकार ने इसका दिलासा भी दिया है। ऐसे में 6400 करोड़ रुपये के बजट से ये परेशानियां दूर हो सकती हैं। -डॉ. विवेक कुमार, वरिष्ठ ह्दयरोग विशेषज्ञ, मैक्स अस्पताल
स्वास्थ्य को लेकर बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सीधे तौर पर सरकार की ओर से बड़ी राहत देखने को नहीं मिली है। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में ओवरऑल स्वास्थ्य का बजट जरूर बढ़ा है। - डॉ. रजनीश मल्होत्रा, मैक्स अस्पताल
मुझे खुशी है कि सरकार हमारे कार्यों को देखते हुए आयुष्मान भारत को तरजीह दे रही है। जल्द ही हम योजना के विस्तार, अस्पतालों से करार और प्रशिक्षण के लिए नई योजना पर काम करेंगे। हमें उम्मीद है कि सरकार से सहायता मिलते हुए देश के 55 करोड़ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दे सकेंगे। - डॉ. इंदुभूषण, सीईओ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी