शुल्क की वजह से एहतियाती खुराक नहीं ले पा रहे थे काफी लोग
केंद्र सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए 18 से 59 साल की आयु वालों को भी एहतियाती खुराक लेने की अनुमति दी थी। जिसके बाद बीते 10 अप्रैल से देश भर में इस आयु के लोगों ने तीसरी खुराक लेना शुरू किया। हालांकि केंद्र सरकार ने इस आयु वर्ग को निशुल्क एहतियाती खुराक उपलब्ध नहीं कराने और प्राइवेट टीकाकरण केंद्रों में ही इसकी व्यवस्था होने का नियम भी बनाया। जिसके चलते दिल्ली जैसे शहर में एक व्यक्ति को एहतियाती खुराक लेने के लिए 368 रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि शुल्क की वजह से काफी लोग एहतियाती खुराक नहीं ले पा रहे थे। लेकिन दिल्ली सरकार के फैसले से टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
सभी जिलों को आदेश जारी, तत्काल नियम लागू
स्वास्थ्य विभाग ने 21 अप्रैल से ही दिल्ली में एहतियाती खुराक निशुल्क उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया है। इसमें सभी जिलों से टीकाकरण को लेकर व्यवस्थाएं करने और सरकारी केंद्रों पर 18 साल या उससे अधिक सभी आयुवर्ग के लिए एहतियाती खुराक निशुल्क् उपलब्ध कराने के लिए कहा है। अभी तक इन सरकारी केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों को ही निशुल्क एहतियाती खुराक दी जा रही थी। 18 से 59 साल की आयुवालों के लिए प्राइवेट टीकाकरण केंद्रों पर ही यह खुराक उपलब्ध थी। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 965 नए मामले सामने आए हैं। एक मौत भी हुई है। 635 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। सक्रिय मामलों की संख्या 2970 है।