कोरोना के चलते लोगों ने घर में पढ़ी नमाज
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कोरोना वायरस संक्रमण के संकट को देखते हुए मंदिर की तर्ज पर नमाजियों ने मस्जिद न जाकर शुक्रवार को अपने घरों में ही जुमे की नमाज अदा की। मस्जिदों में इमाम के अलावा कोई भी नमाजी नहीं पहुंचा। हर किसी ने दोपहर की नमाज अदा कर कोरोना से जल्द निजात पाने की दुुआ मांगी। वहीं, पुलिस ने भी ज्यादातर मस्जिदों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। शाही इमाम के अलावा पुलिस ने भी घरों मेें ही नमाज अदा करने की अपील की थी। नमाजियों ने इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।
कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के चलते दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने एलान किया था कि मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा नहीं की जाएगी। उत्तर-पूर्वी जिले में गीता कॉलोनी की मस्जिद के इमाम ने भी लोगों से कहा कि हुकूमत की ओर से जो भी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं उनका पालन किया जाए। यही वक्त का तकाजा है। सभी से घरों में ही पांच वक्त तन्हा रहकर नमाज अदा करने की अपील की गई। शाहीन बाग के नमाजी आफताब ने कहा कि सरकार के निर्देश का कोई उल्लंघन नहीं होना चाहिए। मस्जिद के मुअज्जिन सहित केवल तीन लोग मस्जिद में पांच बार नमाज अदा करें और बाकी लोग घरों पर। इसका पालन करने से हर कोई मिलकर कोरोना को हराने में सरकार की मदद कर सकता है।
नवरात्र के तीसरे दिन भी मंदिरों में सन्नाटा
लॉकडाउन के कारण चैत्र नवरात्र में भी मंदिर कोरोना वायरस की वजह से बंद हैं। तीसरे नवरात्र पर भी शुक्रवार को भक्त मां दुर्गा के दर पर नहीं पहुंचे। इसके बजाय वे जहां हैैं, वहीं से मन से मां के दर्शन कर उनसे संकट से निजात दिलाने की प्रार्थना कर रहे हैं। सरकार के निर्देश के कारण लोग मां से मन में क्षमा मांगकर उनकी आराधना कर रहे हैं। वैसे घरों में पहले की तरह ही मां के लिए कलश स्थापित कर अखंड जोत जलाई जा रही है। इसके लिए जरूरी सामग्री की उपलब्धता है ही।