लॉकडाउन के दौर में आ रहे रमजान माह के दौरान देशभर के उलेमाओं ने मुसलमानों से अपील की है कि वे अपने-अपने घरों में रहकर ही इबादत करें। ऐसा करने से वे अपने परिवार और देश को इस खतरनाक बीमारी से बचा सकते हैं।
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने बुधवार को लोगों से कहा कि हुकूमत की हिदायतों पर चलकर हम खुद को और अपने मुल्क को बचा सकते हैं। सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। नमाज और तरावीह अपने-अपने घरों में ही अदा करें। इसके अलावा जो लोग कोरोना बीमारी का शिकार होकर ठीक हो गए हैं, वे जरूर दूसरे लोगों के लिए अपना खून (प्लाज्मा) दान करें।
ऐसा करके वह पूरी इंसानियत को बचा सकते हैं। बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो, जिसे मौलाना साद का बताया जा रहा है, में भी ऐसी ही अपील की जा रही है।
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा कि कोरोना वायरस से आज पूरी दुनिया परेशान है। सरकार ने इस वायरस को खत्म करने के लिए ही लॉकडाउन किया हुआ है। ऐसे में हमें सरकार और डॉक्टरों की बात माननी है। रमजान के दौरान सभी लोग अपने-अपने घरों में रहकर ही इबादत करें।
सहरी और इफ्तार के समय किसी भी सूरत में बाहर न निकलें। इसके साथ ही, किसी भी पड़ोसी को न तो अपने घर बुलाएं और न ही उसके घर जाएं। अक्सर होता है कि कुछ लोग इकट्ठे होकर किसी एक घर में तरावीह कराते हैं। इस बार कतई ऐसा न करें। आप अपने घर में अकेले भी तरावीह पढ़ सकते हैं। मुफ्ती मुकर्रम ने कहा कि इस बार इफ्तार पार्टी भी न करें। हर हाल में सामाजिक दूरी का पालन करके ही हम अपने मुल्क और पूरी दुनिया को बचा सकते हैं।
पुलिस भी कमर कसकर है तैयार
रमजान के दौरान लॉकडाउन का पालन कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने भी कमर कस ली है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर कीमत पर लॉकडाउन का पालन कराया जाएगा। इसके लिए मुस्लिम बहुल इलाकों में इमाम, मुअज्जिज लोगों व मौलानाओं के साथ बैठकर लोगों से लॉकडाउन व सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। सहरी और इफ्तारी के समय पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सहरी और इफ्तारी के समय लोग अपने घरों की छत पर भीड़ इकट्ठी न करें, इसके लिए मुस्लिम बहुल इलाकों में ड्रोन से नजर रखी जाएगी। पुलिस लाउडस्पीकर से लगातार लोगों से सामाजिक दूरी और लॉकडाउन का पालन करने का आग्रह कर रही है।