भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल के सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या के एक माह बीत चुके हैं, लेकिन अब भी कई सवालों का जवाब मिलना बाकी है। इस मामले में सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की जांच चल रही है, लेकिन पुलिस की उलझी गुत्थी को सुलझाने में सीबीआई नए सिरे से जांच करने में जुटी है।
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प्रद्युम्न के माता-पिता को अब भी अपने बेटे की हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर कहते हैं आज भी उन्हें समझ में नहीं आता कि आखिर बेटे का क्या कसूर था, जिसके कारण हत्या हो गई।
08 सितंबर को स्कूल के टॉयलेट में कक्षा दो के विद्यार्थी प्रद्युम्न की हत्या के बाद उठ रहे सवालों और अभिभावकों के गुस्से को देखते हुए एक सप्ताह बाद हरियाणा सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। हत्या के 15 दिन बाद सीबीआई ने जांच शुरू की।
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शुरुआत में सात एंगल पर सीबीआई ने काम शुरू किया था, लेकिन अब और विस्तृत कर दिया गया है। पुलिस की थ्योरी से इतर नए एंगल पर सीबीआई की जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक, तीन दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस द्वारा पकड़े मुख्य आरोपी कंडक्डर अशोक, माली हरपाल, ड्राइवर अशोक, दो गवाह बच्चे समेत अन्य लोगों से पूछताछ करने के बाद अब सीबीआई एक दर्जन से अधिक एंगल पर काम कर रही है।
सीबीआई के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इस हत्या मामले में कई पेचीदगी है। सबसे अहम अभी तक हत्या का स्पष्ट कारण ढूंढना है। कारण स्पष्ट करने के लिए सीबीआई ने वहां पर मौजूद मोबाइल नंबरों के लोकेशन भी ढूंढना शुरू किया है।
सभी लोगों के बैकग्राउंड खंगाले गए हैं। हत्या के पहले की वारदात की कड़ी भी जोड़ी जा रही है। बता दें कि प्रद्युम्न के घर वाले भी लगातार पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते रहे और सीबीआई जांच की मांग की थी।
अब परिवारवालों को सीबीआई जांच से ही खुलासा होने की उम्मीद है कि प्रद्युम्न की हत्या की पहले से ही साजिश की गई थी और उसे जबरदस्ती किसी की अनकही घटना का शिकार हो गया। प्रद्युम्न के घरवालों को उम्मीद है कि सीबीआई की जांच में सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा।
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट में प्रद्युम्न मामले की पैरवी कर रहे वकील सुशील टेकरीवाल का कहना है कि शुक्रवार को हाईकोर्ट में पिंटो परिवार की जमानत याचिका की सुनवाई के मामले में भी सीबीआई ने हत्या के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा है।
जबकि सात वर्ष के मासूम की हत्या का कारण जानना सबसे महत्वपूर्ण है। वहीं, सीबीआई के प्रवक्ता का कहना है कि इस मामले में जांच चल रही है। सीबीआई के बेस्ट टीम इस मामले की तफ्तीश कर रही है। जल्द ही मीडिया को कुछ बताया जाएगा।
प्रद्युम्न हत्याकांड टाइमलाइन
-08 सिंतबर ं स्कूल में प्रद्युम्न का गला रेतकर हत्या। पुलिस ने मुख्य आरोपी के तौर पर कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया
-09 सितंबर ं पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल, सीबीआई जांच की मांग शुरू। अशोक के परिजनों ने फंसाने का लगाया आरोप। एसआईटी गठित
-10 सितंबर ं स्कूल के बाहर अभिभावकों का हंगामा, ठेका जलाया, पुलिस ने किया लाठीचार्ज। देर शाम पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ किया मामला दर्ज। चाकू के थ्योरी पर
ड्राइवर ने उठाए सवाल
- फोटो : अमर उजाला
-11 सितंबर ं स्कूल के दो शीर्ष अधिकारी गिरफ्तार। लाठीचार्ज करने पर सोहना थाने का एसएचओ सस्पेंड। पिता वरुण ठाकुर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल व बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने की फोन पर बात
-12 सितंबर ं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं मिला यौन उत्पीडन के सबूत। पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल। चश्मदीद सुभाष गर्ग आया सामने, कहा अशोक की गोद में जिंदा था प्रद्युम्न
-13 सितंबर : नए सिरे से पुलिस ने जांच की शुरू। चश्मदीद माली हरपाल ने बताया अशोक को बेगुनाह
-14 सितंबर ं पुलिस आयुक्त ने मामले की दी सफाई, सात कार्यदिवस में फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला
-15 सितंबर ं मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच व स्कूल प्रशासन को अधीन लेने का किया ऐलान
-16 सितंबर ं प्रशासक के तौर पर उपायुक्त ने संभाला स्कूल का जिम्मा। रिमांड खत्म होने के बाद स्कूल के शीर्ष अधिकारियों को भेजा गया जेल
-18 सितंबर ं सीबीआई जांच में देरी की वजह से प्रद्युम्न के पिता ने पीएमओ को लिखा पत्र। स्कूल खुला, सुरक्षा की खामियां दूर करने के लिए हुआ बंद
-19 सितंबर ं गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र।
-22 सितंबर ं प्रद्युम्न के पिता का सीबीआई जांच शुरू कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान। शाम को सीबीआई न दर्ज किया एफआईआर
-23 सितंबर ं स्कूल पहुंचकर सीन री-क्रिएट किए और फॉरेंसिक की मदद से साक्ष्य जुटाए
-प्रद्युम्न की हत्या पिता वरुण ठाकुर द्वारा स्कूल के गेट के छोडने के 15 मिनट बाद सूचना आई। ऐसे में 02-03 मिनट के भीतर हत्या हो गई। आखिर इतना कम समय में मासूम को क्यों मारा गया होगा?
-स्कूल में आने के बाद प्रद्युम्न सीधे टॉयलेट क्यों गया? जब वह टॉयलेट गया तो पीठ पर बैग क्यों था। यह सवाल और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रद्युम्न का कक्षा केवल 27 कदम ही दूर था। और अगर वह चाहता तो अपना बैग कक्षा में रखकर जा सकता था।
-पुलिस के मुताबिक प्रद्युम्न की हत्या टॉयलेट में बस कंडक्टर अशोक ने की थी। अशोक जब कुकर्म करने में फेल हो गया तो गला रेतकर हत्या कर दी। यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने ही खारिज कर दी है। तो अशोक ने फिर क्यों मारा? यदि अशोक ने प्रद्युम्न को नहीं मारा तो किसने मासूम की हत्या की।
-जिस टॉयलेट में प्रद्युम्न की हत्या हुई उसकी खिड़की का सरिया टूटा नहीं, बल्कि कटा हुआ है। खिड़की का सरिया जंग लगकर खराब नहीं हुआ है। टॉयलेट की खिड़की का सरिया किसने और क्यों काटा? इसका कोई जवाब नहीं है।