बढ़ती गर्मी की वजह से बिजली की मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि आर्थिक गतिविधियां अभी पूरी तरह नहीं खुली है और कई कार्यालय भी बंद हैं। दिल्ली में रविवार को बिजली की मांग 5268 मेगावाट रही। यह पिछले वर्ष 24 मई के मुकाबले कहीं ज्यादा है। बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की संभावना है। वहीं, बिजली की मांग बढ़ने से कुछ इलाकों जैसे मंडोली, मयूर विहार, उत्तम नगर, पालम समेत कई जगहों पर बिजली कटौती भी होनी शुरू हो गई है।
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी ज्यादा बढ़ने से बिजली की मांग भी बढ़ रही है क्योंकि अब एसी और कूलर लोगों ने चलाने शुरू कर दिये हैं। लॉकडाउन-1, 2 और 3 में बिजली की मांग काफी कम थी। औद्योगिक व व्यवसायिक इकाई, सरकारी व प्राइवेट कार्यालय बंद रहने और तापमान कम रहने से पिछले साल की तुलना में मार्च से मई के पहले 15 दिनों तक बिजली की मांग में गिरावट दर्ज की जा रही थी।
बांबे सबअर्बन इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई (बीएसईएस) का कहना है कि पिछले महीने की तुलना में मांग में 56 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है। बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) ने भी बिजली की आपूर्ति बेहतर करने के लिए कमर कस ली है। जून व जुलाई में मांग 7 हजार के पार जा सकती है। पिछले साल जुलाई में बिजली की मांग रिकार्ड 7409 मेगावाट दर्ज हुई थी। टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणेश श्रीनिवासन का कहना है कि बिजली की मांग बढ़ती है तो भी आपूर्ति में इस साल कोई कमी नहीं रहेगी।