दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी राजधानी में स्ट्रीट क्राइम कम होने के दावे करते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। दिल्ली पुलिस के अपने आंकड़ों के मुताबिक, हर डेढ़ घंटे में एक व्यक्ति से झपटमारी होती है तो हर चार घंटे में एक लूट। सबसे अधिक वारदात मोबाइल, पर्स, चेन और कुंडल लूटने की होती हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने झपटमारी और लूटपाट रोकने के लिए हर जिले में एक प्रखर वैन को तैनात किया है, लेकिन इसका भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले नौ माह में दिल्ली में 4762 लोगों के साथ झपटमारी हुई। यानी हर माह 529 लोग झपटमारी के शिकार होते हैं। रोज झपटमारी की 18 वारदात होती हैं। इसी तरह, पिछले नौ माह के दौरान 1558 लूट हुईं। हर माह 173 और रोज 6 लोगों से बदमाशों ने लूटपाट की। पुलिस आयुक्त राजधानी में स्ट्रीट क्राइम 20 फीसदी कम होने की बात करते हैं, लेकिन आंकड़े इसे झुठलाते हैं।