पुलिस ने इको वैन के साथ पप्पू कुमार मेहता नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इसके पास बरामद पोस्टर पर मुद्रक या प्रकाशक के नाम का विवरण नहीं था। सारे पोस्टर प्रधानमंत्री से संबंधित थे। प्रधानमंत्री को लेकर पहली एफआईआर पप्पू मेहता के खिलाफ आईपी एस्टेट थाने में दर्ज हुई थी। हालांकि जमानती धाराएं होने के कारण उसे छोड़ दिया गया । बाद में अलग-अलग मामलों में पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है पोस्टर लगवाने वाले नेता कौन है।
पुलिस का ये कहना है
विशेष पुलिस(कानून व्यवस्था) आयुक्त दीपेंद्र पाठक का कहना है कि प्रिंटिंग प्रेस अधिनियम और डिफेंसमेंट प्रॉपर्टी एक्ट की धाराओं के तहत ये एफआईआर दर्ज की गई हैं। डीडीयू मार्ग स्थित एक पार्टी के कार्यालय से निकलते समय एक वैन को पुलिस ने रोका था। वैन से कई पोस्टर जब्त किए गए।
पोस्टर हटाना नियमित कानूनी प्रक्रिया है
दिल्ली पुलिस सरकारी संपत्ति पर पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करती है और प्रॉपर्टी को गंदा (डिफेसमेंट प्रॉपर्टी एक्ट) करने का मामला दर्ज करती है। ये दिल्ली पुलिस की नियमित प्रक्रिया है। साथ ही पोस्टर, पर्चें, बैनर इत्यादि पर मुद्रक का स्पष्ट विवरण होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।