दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चोर चौथी मंजिल से नीचे आए थे। वह पड़ोसी की छत से दुकान वाली इमारत की छत पर पहुंचे। इसके बाद ताला तोड़कर दूसरी मंजिल तक पहुंचे। यहां खिड़की खुली हुई थी। इसके बाद स्ट्रांग रूम की सीमेंट-कंक्रीट से बनी करीब डेढ़ फीट मोटी दीवार को काटकर चोर स्ट्रांग रूम तक पहुंचे। सवाल ये खड़ा होता है कि आखिरी चोरों को कैसे पता चला कि दीवार को कहां से तोड़ने पर स्ट्रांग रूम तक पहुंचा जा सकता है। चोर सोने के जेवर-हीरे ले गए। वहीं, आरोपियों ने शोरूम में लगे सीसीटीवी के तार हटा दिए थे।
किसी जानकार का हाथ होने की आशंका
सवाल यह भी है कि आखिर बदमाशों को कैसे पता लगा कि सीसीटीवी कहां लगे हुए थे। बदमाशों ने बिजली भी काट दी थी। बदमाशों ने शोरूम में वेब सीरीज मनी हाइस्ट की तर्ज पर वारदात को अंजाम दिया है। उन्हें शोरूम के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। उन्हें पता था कि इमारत में कैसे प्रवेश करना है और स्ट्रांग रूम तक कैसे पहुंचना है। सीसीटीवी से कैसे बचना है। कहां से कंक्रीट की दीवार को तोड़ना है। बदमाशों के रेकी करने की भी संभावना है।
शोरूम में धूल ही धूल थी
शोरूम मालिक महावीर प्रसाद जैन ने बताया कि मंगलवार सुबह 10:30 बजे शोरूम खोला तो चारों ओर धूल ही धूल थी। शोरूम में रखी लगभग सभी ज्वेलरी गायब थी। चोर चौथी मंजिल से छत का ताला तोड़कर नीचे आए थे। इसके बाद स्ट्रांग रूम की दीवार काटकर शोरूम में दाखिल हुए। डीसीपी राजेश देव ने बताया कि दुकान में बेसमेंट के लिए जो रास्ता जाता है, उसमें करीब 1.5 फुट की दीवार तोड़कर सेंध लगाई गई है। अभी तक लॉकर नहीं खोला गया है। उसे खोलने के बाद ही चोरी हुए सामान की कीमत का सही आकलन होगा। फिलहाल, पुलिस आसपास इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।