महानगर में कूड़ा लिफ्टिंग कभी भी बंद हो सकती है। दरअसल, 20 लाख की आबादी के लिए प्रताप विहार का अस्थायी डंपिंग ग्राउंड छोटा पड़ने लगा है। कूड़े का निस्तारण न होने की वजह से अब इस ग्राउंड में भी कूड़ा डंप करने की जगह बाकी नहीं रही।
निगम वाहन चालक कई बार निगम अधिकारियों को हालातों से अवगत करा चुके हैं, लेकिन निगम अधिकारी कूड़ा डंपिंग का इंतजाम नहीं कर पा रहे। सोमवार को वाहन चालक फिर अधिकारियों को लिखित शिकायत देंगे।
महानगर की आबादी 9 लाख से बढ़कर तकरीबन 20 लाख हो चुकी है। इसी अनुपात में शहर से प्रतिदिन निकलने वाला कूड़ा भी 500 मीट्रिक टन से बढ़कर 1000 मीट्रिक टन हो चुका है।
प्रताप विहार में बने अस्थायी डंपिंग ग्राउंड पर आवास विकास की आपत्ति के बाद नगर निगम ने सजवान नगर में कूड़ा डालना शुरू किया। अब यह ग्राउंड भी फुल हो गया। निगम वाहन चालकों की मानें तो अब यहां वाहन जाने का भी रास्ता नहीं बचा।
वाहन चालक संघ के महामंत्री सलीम अब्बासी का कहना है कि जैसे-तैसे कूड़ा डालने की जगह बनाई जा रही है। लेकिन जल्द ही नई जगह नहीं तलाशी गई तो शहर में कूड़ा लिफ्टिंग कभी भी बंद करनी पड़ सकती है।
उनका कहना है कि सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी डीके सिन्हा को लिखित शिकायत भी देंगे। उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि कूड़ा डंप करने के लिए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।