दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्तर पर स्थिर है। वहीं, प्रमुख प्रदूषण कण पर्टिकुलेट मैटर आपात स्तर की ओर हैं। हवा न मिलने के कारण सतह से कुछ ही ऊंचाई पर प्रदूषण कण जमे हुए हैं। इस पूरे सप्ताह एक भी दिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका। प्रदूषण की रोकथाम करने वाली एजेंसियों ने कई आदेश जारी किए, लेकिन इसका भी असर नहीं दिखाई दिया। पूरे दो हफ्तों से दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता एक जैसी है।
शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब रहा। वहीं यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में ही बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक इसमें राहत की उम्मीद नहीं है। शनिवार को तो गाजियाबाद और गुरुग्राम का एक्यूआई नहीं जारी किया जा सका। गाजियाबाद में लगातार चार दिन से हवा की गुणवत्ता गंभीर स्थिति में बनी हुई थी।
सीपीसीबी की ओर से बृहस्पतिवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई 349 जबकि यूपी में बुलंदशहर का एक्यूआई 347 वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 361, नोएडा का एक्यूआई स्तर 379 रहा। जबकि फरीदाबाद का एक्यूआई स्तर 357 रहा। 301 से 400 का एक्यूआई स्तर बहुत खराब वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।